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हाईकोर्ट : यूपी टीईटी पास बीएड डिग्री धारकों को पात्रता प्रमाणपत्र जारी करने पर रोक
Sat, 14 May 2022 12:33 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 14 May 2022 12:33 AM IST
सार
कोर्ट में याची के अधिवक्ता तान्या पांडेय की ओर से कहा गया कि राजस्थान हाईकोर्ट ने एनसीटीई ( नेशनल कॉउन्सिल फ़ॉर टीचर एजुकेशन) के 28 जून 2018 के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमे बीएड डिग्री धारकों को भी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने के लिए पात्र माना गया है।
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allahabad high court
- फोटो : social media
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपीटीईटी पास करने वाले बीएड डिग्री धारकों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को देखते हुए सरकार से जानकारी तलब की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने प्रतीक मिश्र व चार अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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कोर्ट में याची के अधिवक्ता तान्या पांडेय की ओर से कहा गया कि राजस्थान हाईकोर्ट ने एनसीटीई ( नेशनल कॉउन्सिल फ़ॉर टीचर एजुकेशन) के 28 जून 2018 के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमे बीएड डिग्री धारकों को भी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने के लिए पात्र माना गया है। कहा गया कि जब नोटिफिकेशन ही रदद् कर दिया गया है तो बीएड डिग्री धारक प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने के पात्र ही नहीं रहे। लिहाजा टेट 2021 पास करने वाले बीएड डिग्री धारकों का पात्रता प्रमाण पत्र न जारी किया जाए।
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कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए टेट 2021 में क्वालीफाई करने वाले बीएड डिग्री धारकों को पात्रता प्रमाण पत्र अगली सुनवाई तक न जारी करने का आदेश दिया। साथ ही परीक्षा नियामक प्राधिकारी से जानकारी देने को कहा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 16 मई की तिथि लगाई है।
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