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Gyanvapi: कोर्ट ने दोनों पक्षों से ली केस की जानकारी, सुनवाई न हो सकी पूरी, अब 18 सितंबर तय की गई है तारीख

Tue, 12 Sep 2023 09:50 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 12 Sep 2023 09:50 PM IST
सार

ज्ञानवापी विवाद से जुड़ीं पांच याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई कर रहा है। इनमें से तीन याचिकाएं 1991 में वाराणसी की अदालत में दाखिल मुकदमे की पोषणीयता से जुड़ीं हैं। दो अन्य एएसआई के ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण करने के आदेश के खिलाफ हैं।

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Hearing of Gyanvapi case postponed in Allahabad High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद से जुड़ी पांच याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। वकीलों की हड़ताल थी। कुछ देर तक चली बहस में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं से कोर्ट ने केस के बारे में तथ्यों की जानकारी हासिल की। मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी व सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की याचिकाओं की अगली सुनवाई की तिथि 18 सितंबर नियत की है।

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ज्ञानवापी विवाद से जुड़ीं पांच याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई कर रहा है। इनमें से तीन याचिकाएं 1991 में वाराणसी की अदालत में दाखिल मुकदमे की पोषणीयता से जुड़ीं हैं। दो अन्य एएसआई के ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण करने के आदेश के खिलाफ हैं। वर्ष 1991 के मुकदमे में विवादित परिसर को मंदिर बताते हुए हिंदुओं को सौंपने और वहां पूजा अर्चना की इजाजत दिए जाने की मांग की गई है। यह मुकदमा 1991 में वाराणसी की जिला अदालत में दाखिल किया गया था। एक वाद 2021 में पूजा अधिकार को लेकर दाखिल किया गया है।

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हाईकोर्ट को यह तय करना है कि वाराणसी की अदालत इस मुकदमे को सुन सकती है या नहीं। हाईकोर्ट में गत 28 अगस्त को इस मामले में करीब एक घंटे तक चली सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने तीन बार निर्णय सुरक्षित होने के बाद फिर सुनवाई किए जाने के पर आपत्ति जताई थी।साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के पुराने फैसले के आधार पर दोबारा सुनवाई नहीं किए जाने की दलील दी थी। हिंदू पक्ष की ओर से भी कहा गया था कि फैसला जल्दी आना चाहिए। हालांकि, हिंदू पक्ष ने दोबारा सुनवाई किए जाने का विरोध नहीं किया था।

इससे पूर्व इन पांचों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति प्रकाश पडिया ने 25 जुलाई को निर्णय सुरक्षित कर लिया था। उन्होंने 28 अगस्त को इस मामले में फैसला सुनाने की तारीख भी तय की थी। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए केस मंगा लिया। इसके बाद इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की कोर्ट में हुई। अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

विश्वेश्वर-ज्ञानवापी केस की सुनवाई 18 को
वाराणसी के विश्वेश्वर-ज्ञानवापी मामले में मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई वकीलों के कार्य बहिष्कार की वजह से नहीं हो सकी। मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में मंगलवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी। कोर्ट अब इस केस की सुनवाई 18 सितंबर को करेगी। वाराणसी कोर्ट में दायर सिविल वाद की पोषणीयता को लेकर सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पाडिया की कोर्ट में हुई थी। कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया था। इसके बाद केस को चीफ जस्टिस की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था। 

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