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न्यायविद् मामले में सुनवाई 12 जनवरी को
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Hearing in the case of jurist on January 12
- फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के पास स्थित न्यायविद् हनुमान मंदिर ध्वस्तीकरण के खिलाफ जनहित याचिका पर सुनाई 12 जनवरी को होगी। याचिका की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने याची को पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है।
याची अधिवक्ता वीसी श्रीवास्तव व शरद चंद्र मिश्र ने कोर्ट से अनुरोध किया कि कुछ ऐसे तथ्य जानकारी में आए हैं जो याचिका की सुनवाई के लिए हलफनामे के जरिये कोर्ट के समक्ष रखना जरूरी है। जिस पर कोर्ट ने समय दे दिया है।
याची अधिवक्ता का कहना है कि मंदिर देश की स्वतंत्रता के पहले सन 1936 से बना है। इसलिए उसकी स्थिति में बदलाव नहीं किया जा सकता। वैसे भी पीडीए ने जो नक्श दिया है, उसमें मंदिर की जगह पार्क दिखाया गया है। ऐसे में विकास के नाम पर मंदिर हटाना जरूरी नहीं है। पार्क के लिए मंदिर नहीं हटाया जा सकता। मंदिर के आसपास हरियाली लाकर मंदिर का सुंदरीकरण किया जा सकता है। पीडीए के अधिकारियों की मंदिर ध्वस्तीकरण कार्रवाई विधि सम्मत नहीं है।
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मनमानी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। याचिका अधिवक्ता सुनीता शर्मा व अन्य की तरफ से दाखिल कर ध्वस्तीकरण कार्यवाही को चुनौती दी गई है। एडीए चौराहे को विकसित करने के लिए मंदिर को शिफ्ट करना चाहता है। अधिवक्ता जिसका लगातार विरोध कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता दिलीप पांडेय, पीडीए की ओर से अधिवक्ता आनंद प्रकाश ने पक्ष रखा।
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याची अधिवक्ता वीसी श्रीवास्तव व शरद चंद्र मिश्र ने कोर्ट से अनुरोध किया कि कुछ ऐसे तथ्य जानकारी में आए हैं जो याचिका की सुनवाई के लिए हलफनामे के जरिये कोर्ट के समक्ष रखना जरूरी है। जिस पर कोर्ट ने समय दे दिया है।
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याची अधिवक्ता का कहना है कि मंदिर देश की स्वतंत्रता के पहले सन 1936 से बना है। इसलिए उसकी स्थिति में बदलाव नहीं किया जा सकता। वैसे भी पीडीए ने जो नक्श दिया है, उसमें मंदिर की जगह पार्क दिखाया गया है। ऐसे में विकास के नाम पर मंदिर हटाना जरूरी नहीं है। पार्क के लिए मंदिर नहीं हटाया जा सकता। मंदिर के आसपास हरियाली लाकर मंदिर का सुंदरीकरण किया जा सकता है। पीडीए के अधिकारियों की मंदिर ध्वस्तीकरण कार्रवाई विधि सम्मत नहीं है।
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मनमानी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। याचिका अधिवक्ता सुनीता शर्मा व अन्य की तरफ से दाखिल कर ध्वस्तीकरण कार्यवाही को चुनौती दी गई है। एडीए चौराहे को विकसित करने के लिए मंदिर को शिफ्ट करना चाहता है। अधिवक्ता जिसका लगातार विरोध कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता दिलीप पांडेय, पीडीए की ओर से अधिवक्ता आनंद प्रकाश ने पक्ष रखा।