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High Court : सपा विधायक जाहिद बेग की पत्नी के मामले में 19 सितंबर को होगी सुनवाई, मानव तस्करी का दर्ज है केस
Thu, 18 Sep 2025 04:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 18 Sep 2025 04:28 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में भदोही से सपा विधायक जाहिद बेग की पत्नी सीमा बेग की बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के आरोपों में दर्ज मुकदमे की संपूर्ण कार्यवाही को रद्द करने की अर्जी पर अब 19 सितंबर को सुनवाई होगी।
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सपा विधायक जाहिद जमाल बेग उनकी पत्नी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भदोही विधायक जाहिद बेग की पत्नी सीमा बेग पर मानव तस्करी व बंधुआ मजदूरी कराने के आरोप में दर्ज केस रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में शुक्रवार को सीमा बेग की ओर से बहस पूरी होने के बाद अब 22 सितंबर की अगली तिथि रखी गई है जिस पर राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखा जाएगा। विदित हो कि न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ में मामले की सुनवाई चल रही है।
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भदोही विधायक जाहिद बेग के घर में एक नाबालिग नौकरानी की लाश मिली थी। इस घटना के बाद विधायक और उनकी पत्नी सीमा बेग और बेटे के खिलाफ श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बंधुआ मजदूरी कराने और मानव तस्करी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। सीमा बेग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुकदमे की पूरी कार्रवाई रद्द करने की मांग की है।
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शुक्रवार को सीमा बेग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी व जीसान अजहर ने पक्ष रखते हुए दलील दी कि जो लड़की उनके घर से बरामद की गई वो घरेलू नौकरानी की तरह काम करती थी। उसे बदले में उचित पैसा दिया जाता था। वह हर महीने अपने घर अपनी मर्जी से आती-जाती थी। ऐसे में मानव तस्करी का आरोप बिल्कुल गलत है।
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उन्होंने दलील दी कि कानून के अनुसार बंधुआ मजदूर उसे कहते हैं जो व्यक्ति किसी ऋण या किसी सामाजिक, आर्थिक या पारिवारिक बाध्यता के चलते बिना उचित वेतन या बिना स्वतंत्रता के मजबूर होकर लंबे समय तक श्रम करता हो। इस मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं है। बताया गया कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में बिना ठोस साक्ष्य के फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। आवेदक की ओर से बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को पक्ष रखने के लिए 22 सितंबर की तिथि नियत कर दी है।