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उत्तरी में हर्ष की लहर, अनुग्रह पर लगा ग्रहण

Sun, 12 Mar 2017 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 12 Mar 2017 02:14 AM IST
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Harsha wave in northern, eclipse on grace
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
शहर उत्तरी से कांग्रेस के टिकट पर लगातार दो बार के विधायक, नजूल-राजकीय आस्थान की जमीन के लिए फ्री होल्ड नीति एवं सागरपेशा के हक की लड़ाई लड़ने वाले अनुग्रह नारायण सिंह इस बार भारतीय जनता पार्टी से पार नहीं पा सके। पाल बदलकर भाजपा में आए हर्षवर्धन बाजपेई ने क्षेत्र में उनका वर्चस्व खत्म करते हुए 35025 मतों से मात दे दी। अनुग्रह की क्षेत्र में जिस तरह सबके लिए उपलब्ध रहने वाली छवि है, उसे देखते हुए यह पराजय उनको तगड़ा झटका दे गई। यहां बसपा प्रत्याशी अमित तीसरे नंबर पर रहे।
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अनुग्रह शहर उत्तरी से वर्ष 2007 एवं 2012 में विधायक चुने गए। पिछले चुनाव में हर्ष बसपा के टिकट पर क्षेत्र से मैदान में उतरते थे। उस दौरान भी उनका अनुग्रह से ही मुख्य मुकाबला था लेकिन अपनी सरल स्वभाव वाली छवि के चलते अनुग्रह बाजी मार ले गए थे लेकिन इस बार परिणाम पूरी तरह उनके खिलाफ चला गया। करीब 1.10 लाख कायस्थ, 90 हजार ब्राह्मण, 50 हजार बनिया, 60 हजार दलित और 25 हजार मुस्लिम मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में इस बार परिस्थिति पूरी तरह अनुग्रह के उलट रही। कायस्थ, ब्राह्मण, बनिया मतदाताओं का हर्ष को भरपूर समर्थन मिला। प्रधानमंत्री मोदी की रैली और अल्लापुर, सोहबतियाबाग आदि क्षेत्रों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो ने हर्षवर्धन की जीत सुनिश्चित कर दी।
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वैसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के रोड शो के दौरान जिस तरह मुस्लिम और दलित बाहुल्य क्षेत्रों में जिस तरह से लोगों ने दोनों नेताओं को हाथों-हाथ लिया और उसके पहले राजापुर में गुलाब नबी आजाद की सभा में जिस तरह भीड़ जुटी, उससे माना जाने लगा था कि अनुग्रह की जीत सुनिश्चित है लेकिन मोदी की लहर ऐसी चली कि  मतदाता उनकी छवि को भूल कर भाजपामय हो गए।
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विधायक फोटो
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विधायक की प्रोफाइल
पूर्व राज्यपाल राजेंद्री कुमारी वाजपेई के पौत्र हैं हर्षवर्धन
भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर शहर उत्तरी से विधायक चुने गए हर्षवर्धन वाजपेई खाटी कांग्रेसी और पूर्व राज्यपाल रहीं स्वर्गीय राजेंद्री कुमारी वाजपेई के पौत्र हैं। हर्ष के पिता अशोक कुमार वाजपेई भी कांग्रेस के टिकट पर शहर उत्तरी से ही विधायक रह चुके हैं, जबकि मां रंजना वाजपेई सपा की महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्ष थीं। शेफर्ड विश्वविद्यालय इंग्लैंड से बीटेक हर्ष पाला बदल कर भाजपा में आए हैं। पिछले चुनाव में वह बसपा प्रत्याशी के रूप में उत्तरी से चुनाव लड़े थे। बाद में मां की मौजूदगी में सपा में शामिल हो गए थे। अब तक अविवाहित 36 वर्षीय हर्ष का इलाहाबाद और लखनऊ में कारोबार है।   

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जीत का अंतर
35025
किसको कितने मिले वोट
हर्षवर्धन वाजपेई       (भाजपा)      89191
अनुग्रह नारायण सिंह  (कांग्रेस-सपा) 54166
अमित                 (बसपा)       23388
बदल चटर्जी          (निर्दलीय)         980
धीरज कुमार अग्रवाल (निर्दलीय)         557
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अन्य प्रत्याशी
अजय कुमार 492, आशुतोष वाजपेई 195, उदयभान श्रीवास्तव 63, उमा चंद्रा 107, मृगांक शेखर सिंह 133, विंदेश्वरी प्रसाद 176, शरद खरे 75, सुनील कुमार 102, सुनील कुमार गुप्ता 256, अभिनव श्रीवास्तव 214, अंशु त्रिपाठी 197, इंद्रेश कुमार सोनकर 443, पुष्पेंद्र कुमार 433, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव 445, भइया राम यादव 87, मधु सिंह 115, रमाकांत 99, राजेश यादव 112, रितेश कुमार 80, शैलेंद्र कुमार प्रजापति 225, शौर्यदीप 252
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विधायक की प्राथमिकताएं
0 शहर उत्तरी में बाढ़ की समस्या दूर करने के लिए बांध का निर्माण
0 फाफामऊ पुल से संगम तक बांध के साथ सड़क
0 बख्शी बांध की ऊँचाई बढ़वाना
0 सड़कें, स्ट्रीट लाइट, पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त कराना
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