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हर ओर गूंजा हरे कृष्णा हरे कृष्णा
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Hare Krishna Hare Krishna echoed everywhere
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ ‘इस्कॉन’ की ओर से शुक्रवार को राधा वेणीमाधव की शोभायात्रा के साथ तीन दिनी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुरुआत हुई। रामबाग स्थित श्रील प्रभुपाद कर्मस्थली से आरंभ शोभायात्रा चंद्रलोक सिनेमा, मानसरोवर चौराहा, जीरो रोड, चौक, रामभवन, मुट्ठीगंज चौराहा होते हुए इस्कॉन मंदिर पहुंचकर पूरी हुई। फूलों से सजे आकर्षक रथ पर राधाकृष्ण की युगल प्रतिमा विराजमान थी, जबकि इनके सामने संस्थापक श्रील प्रभुपाद की भी प्रतिमा रखी गई। यात्रा जिस रास्ते से होकर गुजरी, वहां सड़क के दोनों ओर खड़े होकर श्रद्धालुओं ने युगल स्वरूप के दर्शन किए।
अनेक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह आरती पूजन भी किया गया। पूरे रास्ते प्रसाद का वितरण भी किया गया।
स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने युगल प्रतिमा की आरती उतारकर और पूजन करके यात्रा को आरंभ किया। बाद में उन्होंने कहा, कृष्ण सभी की कामना पूर्ण करते हैं। उन्होंने अलग-अलग स्वरूप में रहकर कर्तव्यों का निर्वहन करने के साथ ही कर्म का संदेश दिया। महापौर अभिलाषा गुप्ता ने भी आरती उतारी। अद्वैत आचार्य दास की देखरेख में हाथी, घोड़े और बैंड के साथ निकली यात्रा में वेणुविजय दास, मीडिया प्रभारी दीनदयाल कृष्ण दास, श्यामजी अग्रवाल, बसंत लाल आजाद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रही। महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग, सभी शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक नाचते-गाते, झूमते चले। पूरे रास्ते ढोल और मृदंग पर ‘हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्ण-कृष्ण हरे-हरे’का कीर्तन किया गया। इस्कॉन से जुड़े भक्तों, शहरियों के अतिरिक्त यूक्रेन के कृष्ण भक्तों पॉवेल, नैस्टया, मारिया आदि ने भी श्रद्धा एवं उल्लास के साथ कीर्तन किया।
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इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी शनिवार को मनाई जाएगी। सुबह चार बजे मंगल आरती, 7.30 बजे शृंगार आरती, आठ बजे श्रील प्रभुपाद की गुरुपूजा के बाद शाम सात बजे गौर आरती और रात आठ बजे से प्रवचन होगा। कान्हा डेढ़ लाख रुपये की जड़ाऊ पोशाक पहनेंगे तो मुंबई, कोलकाता, बंगलुरू से मंगाए गए फूलों से उनका शृंगार होगा। तीन बार शृंगार सहित तीन बार ही 108 से अधिक व्यंजनों का भोग लगेगा। इस्कॉन के अध्यक्ष अद्वैत आचार्य दास के मुताबिक पहली बार 5001 कामधेनु रसगुल्लों का भोग भी लगेगा। रात्रि 11:30 बजे चांदी के 108 कलशों से श्रीश्री राधावेणी माधव के महाभिषेक के बाद महाआरती उतारी जाएगी। 25 अगस्त को दोपहर 11:30 बजे इस्कॉन के संस्थापकाचार्य एसी भक्ति वेदान्त स्वामी श्रील प्रभुपाद जी का जन्मोत्सव मनेगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में काशीराज नगर, बलुआघाट स्थित इस्कॉन मंदिर बिजली की रंगीन झालरों से जगमगाया। परिसर भी रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों से सजा। परिसर में कान्हा के जन्मोत्सव से जुड़े विविध प्रसंगों को दर्शाती झांकियां मुग्ध करती रहीं। वहीं भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कान्हा की महिमा बखानी गई।
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अनेक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह आरती पूजन भी किया गया। पूरे रास्ते प्रसाद का वितरण भी किया गया।
स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने युगल प्रतिमा की आरती उतारकर और पूजन करके यात्रा को आरंभ किया। बाद में उन्होंने कहा, कृष्ण सभी की कामना पूर्ण करते हैं। उन्होंने अलग-अलग स्वरूप में रहकर कर्तव्यों का निर्वहन करने के साथ ही कर्म का संदेश दिया। महापौर अभिलाषा गुप्ता ने भी आरती उतारी। अद्वैत आचार्य दास की देखरेख में हाथी, घोड़े और बैंड के साथ निकली यात्रा में वेणुविजय दास, मीडिया प्रभारी दीनदयाल कृष्ण दास, श्यामजी अग्रवाल, बसंत लाल आजाद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
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रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रही। महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग, सभी शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक नाचते-गाते, झूमते चले। पूरे रास्ते ढोल और मृदंग पर ‘हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्ण-कृष्ण हरे-हरे’का कीर्तन किया गया। इस्कॉन से जुड़े भक्तों, शहरियों के अतिरिक्त यूक्रेन के कृष्ण भक्तों पॉवेल, नैस्टया, मारिया आदि ने भी श्रद्धा एवं उल्लास के साथ कीर्तन किया।
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इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी शनिवार को मनाई जाएगी। सुबह चार बजे मंगल आरती, 7.30 बजे शृंगार आरती, आठ बजे श्रील प्रभुपाद की गुरुपूजा के बाद शाम सात बजे गौर आरती और रात आठ बजे से प्रवचन होगा। कान्हा डेढ़ लाख रुपये की जड़ाऊ पोशाक पहनेंगे तो मुंबई, कोलकाता, बंगलुरू से मंगाए गए फूलों से उनका शृंगार होगा। तीन बार शृंगार सहित तीन बार ही 108 से अधिक व्यंजनों का भोग लगेगा। इस्कॉन के अध्यक्ष अद्वैत आचार्य दास के मुताबिक पहली बार 5001 कामधेनु रसगुल्लों का भोग भी लगेगा। रात्रि 11:30 बजे चांदी के 108 कलशों से श्रीश्री राधावेणी माधव के महाभिषेक के बाद महाआरती उतारी जाएगी। 25 अगस्त को दोपहर 11:30 बजे इस्कॉन के संस्थापकाचार्य एसी भक्ति वेदान्त स्वामी श्रील प्रभुपाद जी का जन्मोत्सव मनेगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में काशीराज नगर, बलुआघाट स्थित इस्कॉन मंदिर बिजली की रंगीन झालरों से जगमगाया। परिसर भी रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों से सजा। परिसर में कान्हा के जन्मोत्सव से जुड़े विविध प्रसंगों को दर्शाती झांकियां मुग्ध करती रहीं। वहीं भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कान्हा की महिमा बखानी गई।

Hare Krishna Hare Krishna echoed everywhere- फोटो : CITY DESK

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