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हमीरपुर से इलाहाबाद के बीच यमुना में मिलीं 58 डॉल्फिन

Fri, 09 Oct 2015 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 09 Oct 2015 01:39 AM IST
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Hamirpur found 58 dolphins in the river between Allahabad
इलाहाबाद (ब्यूरो)। केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकारों के सहयोग से गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए शुरू नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा (एनएमसीजी ) प्रोजेक्ट के तहत गंगा-यमुना जैसी नदियों में डाल्फिन मछलियों की गणना कराई जा रही है। वन विभाग व डल्ब्ल्यूडब्ल्यूएफ की संयुक्त टीम द्वारा यमुना नदी में हमीरपुर से लेकर इलाहाबाद संगम तक (288.77 किमी.) किए गए सर्वे में कुल 58 डाल्फिन मछलियां पाई गई हैं।
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संयुक्त सर्वे टीम के प्रभारी व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से जुड़े जलजीव विज्ञानी डॉ. सीताराम टैगोर ने बताया कि सर्वे के दौरान हमीरपुर से लेकर इलाहाबाद तक 58 डॉल्फिन मछलियां पाई गई हैं, जो सुखद पहलू है। सर्वे के दौरान  तीन घड़ियालों के अलावा दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों में शामिल ओपेन बिल्ड स्टार्क, पेंटेड स्टार्क, बैक नेक्ड स्टार्क, प्लोवर्स, ओस्प्रे जैसे पक्षी भी देखने को मिले।
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सर्वे टीम में पंचनद यमुना नदी मित्र समिति के जयकांत सिंह व मुन्ना लाल, यमुना बेतवा नदी मित्र समिति के राजीव कुमार, चंबल वन क्षेत्र के रेंजर पप्पू सिंह, मोहर सिंह व नीबू लाल समेत कई शामिल थे।
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ज्ञात हो कि दुर्लभ प्रजाति के जलीय जीवों में शुमार व देश में तेजी से विलुप्त हो रही डॉल्फिन के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की  ‘माई गंगा-माई डाल्फिन’ परियोजना की शुरूआत की गई है। इसी के तहत देश की प्रमुख नदियों में डाल्फिन की गणना का काम शुरू किया गया है। डॉल्फिन की गिनती के लिए राज्य में 21 विशेष टीमों का गठन किया गया है जिसमें वन विभाग के अलावा वन्य एवं जलीव जीवों के संरक्षण के लिए काम कर रहे 23 गैर सरकारी संगठनों की भी मदद ली जा रही है।


नदियों में अवैध खनन, शिकार से डाल्फिन को बड़ा खतरा
जलजीव विज्ञानी डॉ. सीताराम टैगोर के मुताबिक सर्वे के दौरान नदी में जगह-जगह अवैध खनन होता पाया गया। इतना ही नहीं नदी में कई जगह मछलियों को पकड़ने के लिए बडे़ बड़े जाल पाए गए जो चौंकाने वाला पहलू है। डॉ. टैगोर के मुताबिक नदियों में होने वाला अवैध खनन दुर्लभ डॉल्फिन के लिए बड़ा खतरा है। राज्य सरकार को इस पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। इसके अलावा नदियों में  मछलियों के पकड़ने पर भी प्रतिबंध होना चाहिए। वरना डॉल्फिन को बचाना आसान नही होगा।
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