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आने को था रेला, जाने को ठेली ठेला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Jan 2018 06:08 PM IST
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मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए मंगलवार को रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर सोमवार की रात से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया। संगम में डुबकी लगाने की मंशा लेकर यहां आने वालों का रेला स्नान के बाद घर पहुंचने की जल्दी में ठेली ठेला की तरह रहा। यहां पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं को गंतव्य तक पहुंचाने को रेलवे ने मंगलवार को 36 ट्रेनों का संचालन किया। जंक्शन, प्रयाग, रामबाग सिटी, प्रयागघाट स्टेशन के प्लेटफार्म यात्रियों से पटे रहे। टिकट के लिए खोले गए अतिरिक्त काउंटरों पर कतार लगी रही। वहीं रोडवेज ने विभिन्न रूटों पर 2200 बसें चलाईं। वहीं ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ पटल के बाहर मारामारी की स्थिति रही।
मौनी अमावस्या स्नान के बाद माघ मेला क्षेत्र से संक्रांति से डटे लोग शहर की तरफ चल पड़े। जिनका आरक्षण नहीं था, उन लोगों ने झूंसी में बनाए गए रोडवेज के अड्डे से बस की सवारी को तरजीह दी। वहीं अधिकांश लोगों ने जंक्शन की ओर रुख किया। साथ ही प्रयाग और रामबाग सिटी में भी ट्रेन पर सवार होने के लिए भीड़ उमड़ी। एनसीआर ने मेला स्पेशल ट्रेनों की संख्या 14 से बढ़ाकर 20 कर दी। विभिन्न स्टेशनों से कुल 36 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इनमें से 10 ट्रेनों का संचालन इलाहाबाद सिटी(रामबाग) से हुआ। 6 ट्रेनें प्रयाग और प्रयागघाट जंक्शन से चलाई गईं। वहीं जंक्शन से 6 स्पेशल ट्रेनें कानपुर और 7 ट्रेनें मुगलसराय जबकि मानिकपुर-झांसी रूट पर 7 ट्रेनों का संचालन किया गया। इसी तरह 10 ट्रेनें रामबाग (इलाहाबाद सिटी) से वाराणसी के लिए चलाई गईं। प्रयाग और प्रयागघाट से चलाई गईं 6 स्पेशल ट्रेनें फैजाबाद-लखनऊ रू ट पर चलीं।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. हरिश्चंद्र यादव के मुताबिक मंगलवार को विभिन्न रूटों पर 2000 अतिरिक्त बसों के साथ 200 रिजर्व बसों का संचालन किया गया। झूंसी में रोडवेज के टर्मिनल से मेला स्पेशल तथा सिविल लाइंस के साथ जीरो रोड और लीडर रोड डिपो से नियमित बसों का संचालन भी किया गया।
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मौनी अमावस्या स्नान के बाद माघ मेला क्षेत्र से संक्रांति से डटे लोग शहर की तरफ चल पड़े। जिनका आरक्षण नहीं था, उन लोगों ने झूंसी में बनाए गए रोडवेज के अड्डे से बस की सवारी को तरजीह दी। वहीं अधिकांश लोगों ने जंक्शन की ओर रुख किया। साथ ही प्रयाग और रामबाग सिटी में भी ट्रेन पर सवार होने के लिए भीड़ उमड़ी। एनसीआर ने मेला स्पेशल ट्रेनों की संख्या 14 से बढ़ाकर 20 कर दी। विभिन्न स्टेशनों से कुल 36 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इनमें से 10 ट्रेनों का संचालन इलाहाबाद सिटी(रामबाग) से हुआ। 6 ट्रेनें प्रयाग और प्रयागघाट जंक्शन से चलाई गईं। वहीं जंक्शन से 6 स्पेशल ट्रेनें कानपुर और 7 ट्रेनें मुगलसराय जबकि मानिकपुर-झांसी रूट पर 7 ट्रेनों का संचालन किया गया। इसी तरह 10 ट्रेनें रामबाग (इलाहाबाद सिटी) से वाराणसी के लिए चलाई गईं। प्रयाग और प्रयागघाट से चलाई गईं 6 स्पेशल ट्रेनें फैजाबाद-लखनऊ रू ट पर चलीं।
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रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. हरिश्चंद्र यादव के मुताबिक मंगलवार को विभिन्न रूटों पर 2000 अतिरिक्त बसों के साथ 200 रिजर्व बसों का संचालन किया गया। झूंसी में रोडवेज के टर्मिनल से मेला स्पेशल तथा सिविल लाइंस के साथ जीरो रोड और लीडर रोड डिपो से नियमित बसों का संचालन भी किया गया।
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