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यीशु के अंतिम सात वचनों से गूंजे चर्च

ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद Updated Sat, 04 Apr 2015 12:23 AM IST
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Gunje the last seven words of Jesus Church

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इलाहाबाद (ब्यूरो)। मसीहियों के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। ‘गुड फ्राइडे’ पर सेंट जोसेफ कैथिड्रल और ऑल सेंट्स कैथिड्रल सहित शहर के अनेक गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं के दौरान मसीहियों ने प्रभु यीशु के दुख भोग पर चिंतन-मनन किया। परंपरा के मुताबिक चौदह बार रुककर क्रूस पथ की परिक्रमा की गई। फिर क्रूस पर लटकाए जाने से पहले प्रभु यीशु की ओर से कहे गए अंतिम सात पवित्र वचनों का जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। सभा में असहायों की सेवा और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए यीशु के बलिदान को याद किया गया।
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सेंट जोसेफ कैथिड्रल में पल्ली पुरोहित फादर बैपटिस्ट की देखरेख में प्रार्थना सभा हुई, जिसमें मसीहियों के बीच यीशु के सातों वचनों को दोहराया गया। इलाहाबाद धर्मप्रांत के बिशप राफी मंजली ने यीशु के बताए रास्ते पर चलने की सीख देते हुए शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारा का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि यीशु ने हमारे लिए अनेक दुख सहे। उन्होंने हमें जो रास्ता दिखाया है, उसी पर अमल करके दुनिया में शांति संभव है। इस मौके पर देश की प्रगति के लिए प्रार्थना भी की गई। कार्यक्रम में फादर फ्रांसिस जेवियर जोसेफ सहित सेंट जोसेफ, सेंट मेरीज के अध्यापक-अध्यापिकाओं, धर्म बहनों, फादर्स ने मौजूदगी दर्ज कराई।


 आल सेंट्स कैथिड्रल में पादरी गैब्रियल दाऊद की ओर से इनरी लिखे क्रूस के सामने ‘काल टू वर्शिप’ से शुरुआत हुई। प्रभु के दुखभोग पर चर्चा करते हुए सातों वचनों को दोहराया गया। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन यीशु को क्रूस पर लटकाया गया था और मानवता की रक्षा के लिए उन्होंने इस दुखभोग को स्वीकार किया। प्रत्येक वचन के बाद पादरी दाऊद ने यीशु के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाई। म्योराबाद स्थित सेंट पीटर्स  चर्च के पादरी प्रवीण मैसी ने याद दिलाया, यीशु ने हमें शांति का संदेश दिया है और उसका पालन करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। यीशु के सातों वचनों के बाद उसके दुखभोग की याद दिलाई गई। इसी क्रम में जमुना चर्च, एलनगंज स्थित होली ट्रिनिटी चर्च, सेंट पैट्रिक चर्च, सेंट मैथोडिस्ट चर्च, काटजू रोड स्थित सेंट जॉन्स चर्च आदि में भी प्रार्थना सभाओं के दौरान मानवता की सेवा के लिए प्रभु यीशु के त्याग, बलिदान को याद किया गया।

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