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राज्यपाल शिव प्रसाद बोले: देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ना है बेहद जरूरी
Sat, 14 Feb 2026 03:04 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 14 Feb 2026 03:04 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा है कि हमारे वेद और उपनिषद में भारतीय ज्ञान परंपरा के बारे में बेहद ही सार्थक बातें कही गई हैं। पर आज हमारे वेद और उपनिषद के अनुसार कोई भी कार्य नहीं हो रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल झूंसी में जीबी पंत संस्थान पहुंचे।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा है कि हमारे वेद और उपनिषद में भारतीय ज्ञान परंपरा के बारे में बेहद ही सार्थक बातें कही गई हैं। पर आज हमारे वेद और उपनिषद के अनुसार कोई भी कार्य नहीं हो रहे हैं। ब्रह्म एक है लेकिन आज ब्रह्म को भी भुला दिया गया है। शिव प्रताप शुक्ला ने यह बातें शनिवार को गोविंद बल्लभ पंत संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
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पंत संस्थान में शनिवार को भारतीय ज्ञान परंपरा: दार्शनिक आधार, साहित्यिक संस्रोत और लोक परंपराए विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में भारतीय बौद्धिक विरासत के बहुल, संवादात्मक और जीवंत आयामों पर भी बात की गई। राज्यपाल ने आगे कहा कि हम लोगों ब्रह्म को भुलाकर पश्चिमी सभ्यता की ओर ज्यादा चले गए हैं। यह हमारे ज्ञान परंपरा के बिल्कुल ही विपरीत है।
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उन्होंने कहा कि प्रकृति का समावेश हमारे भारतीय ज्ञान परंपरा में भी है। कहा कि आज हमें उसे फिर से उसे तलाश करने की आवश्यकता है, जिससे हम अपनी ज्ञान परंपरा के अनुरूप देश को और समाज को आगे ले जा सकें। हमारी ज्ञान परंपरा को आज उच्च शिक्षा से भी जोड़ने की आवश्यकता है। ताकि हमारे युवा पीढ़ी अपनी ज्ञान परंपरा के बारे में जाने समझे और उसे आत्मसात करके आगे बढ़े। तभी राष्ट्र और समाज का विकास संभव है।
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