फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Government should give roadmap for full proof of courts

365 बीघा जमीन पर कब्जा, 738 को नोटिस

Fri, 03 Jan 2020 01:54 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 01:54 AM IST
विज्ञापन
Government should give roadmap for full proof of courts
Government should give roadmap for full proof of courts
करेली में निगम की 365 बीघा जमीन
विज्ञापन

पर कब्जा, हजारों मकानों पर संकट
की जमीन पर बने हजारों मकानों पर संकट
0 नगर निगम ने सर्वे के बाद प्रथम चरण में जारी किया 738 कब्जेदारों को नोटिस, हड़कंप
0 कब्जादारों की सात जनवरी को निगम मुख्यालय में पेशी, प्रपत्रों की जांच के बाद कार्रवाई
मुनेंद्र बाजपेयी
प्रयागराज। शहर के करेली इलाके में नगर निगम की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए हजारों मकानों पर संकट मंडरा रहा है। निगम ने कब्जेदारों को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पहले चरण में 738 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस से अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मचा है। सभी को सात जनवरी को निगम मुख्यालय में बुलाया गया है। जहां प्रपत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद बेदखली या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
करेली इलाके में नगर निगम की करीब 365 बीघा भूमि पर कब्जा है। यहां करामत की चौकी समेत अन्य मोहल्लों में सरकारी जमीन पर हजारों लोगों ने बड़े-बड़े मकान बना लिए हैं। वर्ष 2018 में नगर निगम कार्यकारिणी ने निगम की भूमि को खाली कराने का प्रस्ताव पारित किया था। सदन में भी इस पर जमीन खाली कराने पर आम राय बनी।
विज्ञापन

कुंभ के बाद अपर नगर आयुक्त रहीं ऋतु सुहास ने काम शुरू किया लेकिन, उनका तबादला हो गया। सदन और कार्यकारिणी ने पूर्व में पारित प्रस्ताव पर अमल कराने का निर्णय लिया। इसका दायित्व अपर नगर आयुक्त मुशीर अहमद को सौंप गया। उन्होंने करीब नौ महीने की छानबीन के बाद चिह्निकरण का काम शुरू कराया। इसी के आधार पर नोटिस जारी करने का काम शुरू किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई महीने की खोजबीन के बाद मिली फाइल और नक्शा
नगर निगम की 365 बीघा जमीन की फाइल और नक्शा खोजने में नौ महीने गुजर गए। नजूल प्रभारी मुशीर अहमद ने सात कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया। इस पर भी बात नहीं बनी तो पूर्व नगर आयुक्त ने निलंबन की चेतावनी देते हुए अंतिम मौका दिया। तब जाकर भूमि संबंधी फाइल और नक्शा उनके सामने रखा गया।
सर्वे में कई ने दिखाई फर्जी रजिस्ट्री
अफसरों ने नगर निगम की जमीन का सर्वे शुरू कराया तो चौंक गए। एक से अंतिम सिरे तक टुकड़ों में की गई जांच में किसी भी गृहस्वामी के पास जमीन के वैध प्रपत्र नहीं थे। कुछ लोगों ने फर्जी रजिस्ट्री दिखाई। साफ हो गया कि लोगों को झांसा देकर मोटी रकम लेकर जमीन बेची गई।
जमीन का मालिकाना हक नहीं, क्षेत्र में है सड़क,
नाली, बिजली-पानी, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था
करेली इलाके में निगम की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों में बड़ी आबादी रहती है। फाइल गुम होने और जांच पड़ताल न होने से बड़े-बड़े मकान बन गए। इलाके में सड़क, बिजली-पानी और स्ट्रीट लाइट जैसी लगभग सभी बुनियादी सुविधाएं हैं। नहीं है तो सिर्फ जमीन का मालिकाना हक, जिस पर संकट बना है।
प्रपत्रों की जांच के बाद तय होगा कार्रवाई का स्वरूप
करामत की चौकी इलाके में दस जनवरी तक नोटिस जारी करने का क्रम जारी रहेगा। इस संबंध में सात जनवरी से मुख्यालय में सुनवाई शुरू की जाएगी। सुनवाई में लोगों को जमीन संबंधी प्रपत्र लाने को कहा गया है। इसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बाजार दर पर निगम कर सकता है रजिस्ट्री
सदन के निर्णय पर नगर निगम के जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने वालों को भूमि खरीदने का एक मौका दिया जाएगा। सर्किल रेट के हिसाब से नगर निगम जमीन की रजिस्ट्री करेगा। संभावना है कि जमीन पर काबिज लोगों से लागू दरों पर रजिस्ट्री होने तक किराया भी वसूल किया जा सकता है।

00 नगर निगम की जमीन पर काबिज लोगों को न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत के मुताबिक सुनवाई का पूरा मौका दिया जाएगा। निर्णय लिया गया है कि वर्षों से रह रहे लोगों पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह तय है कि निगम अपनी जमीन पर या तो काबिज होगा या नियम के तहत बाजार की दर पर लोगों को जमीन की रजिस्ट्री करानी पड़ेगी। अभिलेखों में साफ है कि जमीन नगर निगम की है। लोग वहां कैसे और कब से काबिज हैं, यह जानकारी उनसे ली जाएगी। 0 मुशीर अहमद, अपर नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed