फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Government should give roadmap for full proof of courts

अदालतों की फुलप्रूफ सुरक्षा का रोडमैप दे सरकार

Fri, 03 Jan 2020 01:45 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 01:45 AM IST
विज्ञापन
Government should give roadmap for full proof of courts
Government should give roadmap for full proof of courts
अदालतों की फुल प्रूफ सुरक्षा का रोडमैप दे सरकार
विज्ञापन

हाईकोर्ट में पेश हुए डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह
पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए 15 जनवरी तक मोहलत
प्रयागराज । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को अदालतों की फुलप्रूफ सुरक्षा का रोड मैप प्रस्तुत करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट सहित सभी जिला अदालतों को सुरक्षा देने के संबंध में सरकार 15 जनवरी अपनी विस्तृत कार्ययोजना बनाकर अदालत में प्रस्तुत करे।
बिजनौर की सीजेएम कोर्ट में पेशी पर आए अभियुक्त की गोली मारकर हत्या करने के मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने जिला न्यायालय में विशेष प्रशिक्षित फोर्स तैनात करने, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, बाउंड्री वॉल बनाने तथा अधिवक्ताओं व वादकारियों को बिना परिचय पत्र के प्रवेश नहीं देने सहित कई मुद्दों पर सरकार से हलफनामा मांगा है । कोर्ट के निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी ओपी सिंह अदालत में हाजिर हुए। उनकी ओर से हलफनामा प्रस्तुत कर अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई। प्रमुख सचिव गृह ने पूरा रोड मैप देने के लिए 15 जनवरी तक का समय मांगा है।
विज्ञापन

काम नहीं कर रहे सीसीटीवी कैमरे
जिला अदालतों में सीसीटीवी कैमरों के ठीक से काम नहीं करने के मुद्दे पर कोर्ट का कहना था कि हाईकोर्ट सहित जहां भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं वह ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। उनकी क्वालिटी अच्छी नहीं है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि उनके पास कैमरों की देखभाल के लिए कोई टेक्निकल आदमी नहीं है। इसके लिए वह पीसीआई से एक्सपर्ट मांगेंगे और उनकी तैनाती सभी जिला अदालतों में की जाएगी। कोर्ट का कहना था की इटावा के जिला जज ने रिपोर्ट भेजी है कि वहां सीसीटीवी कैमरे ठीक काम नहीं कर रहा है, इस संबंध में क्या कदम उठाए गए। इस पर अधिकारियों ने बताया कि इटावा के डीएम और एसएसपी को वहां के जिला जज से संपर्क कर सारी व्यवस्था ठीक करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमीन पर नहीं दिखाई देते काम
अदालत ने कहा कि सरकार के सभी काम कागजों पर है वास्तविकता में जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा है। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि कई जिला अदालतों में वकील सुरक्षाबलों को सहयोग नहीं करते हैं, जिसके कारण उनके बीच में झगड़ा हो जाता है। हाईकोर्ट में भी वकीलों के सहयोग न करने की शिकायत है। इस पर कोर्ट का कहना था राज्य सरकार स्वयं में एक संस्था है और इस मामले में कार्रवाई करने को सक्षम है। बाउंड्रीवॉल बनाए जाने के मामले में सरकार का कहना था कि ज्यादातर जिला अदालतों में बाउंड्रीवॉल का निर्माण हो गया है। कुछ जगहों पर अतिक्रमण के कारण अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। निर्माण निगम को काम का ठेका दिया गया है। इस पर कोर्ट ने बाउंड्री वॉल बनाने का काम शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया है।
प्रदेश सरकार का यह भी कहना था कि कई जिला अदालतों में जिला जज सहयोग नहीं कर रहे हैं। जिस पर कोर्ट ने कहा कि जहां पर भी जिला जज सहयोग नहीं कर रहे हैं उनकी सूचना हमें लिखित में दी जाए हम उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे इसी प्रकार सुरक्षाबलों को सहयोग नहीं करने वाले कुछ वकीलों के बारे में भी कोर्ट का कहना था कि यदि चंद लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

कोर्ट ने कहा कि बलिया जिला अदालत में जो बाउंड्रीवाल बनाई गई है, वह काफी खराब थी और उसे बाद में तोड़ करके फिर से बनवाना पड़ा। प्रदेश सरकार जो भी काम करवा रही है उसकी गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। कोर्ट ने वकीलों के लिए बायोमेट्रिक कार्ड की व्यवस्था शीघ्र करने का निर्देश दिया है। प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि जिला अदालतों में विशेष प्रशिक्षित फोर्स तैनात करने के मामले में 20 जनवरी तक प्रशिक्षण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कोर्ट ने वेंडरों पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है याचिका पर अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed