खुशखबर : 202 दिन बाद संविदा कर्मियों को राहत, ई-बसों में मिलेगी नौकरी
फरवरी 2023 में ही प्रयागराज में डीजल से चलने वाली सभी सिटी बसों का संचालन फिटनेस नहीं होने की वजह से बंद हो गया। इस वजह से उन बसों से जुड़े 350 संविदा कर्मी बेरोजगार हो गए। रोजगारी की मांग को लेकर कर्मचारी झूंसी स्थित वर्कशॉप में क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए।
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प्रयागराज सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के संविदा कर्मियों को बड़ी राहत मिली है। प्रयागराज को मिलने वाली ई-बसों में उन्हें समायोजित किया जाएगा। यह सहमति बृहस्पतिवार को उप श्रमायुक्त की मौजूदगी में हुई। प्रयागराज सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एमके त्रिवेदी ने आश्वस्त किया कि सभी संविदा परिचालकों को ई-बसों में समायोजित किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद 202 दिन से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे संविदा कर्मियों का आंदोलन भी समाप्त हो गया।
फरवरी 2023 में ही प्रयागराज में डीजल से चलने वाली सभी सिटी बसों का संचालन फिटनेस नहीं होने की वजह से बंद हो गया। इस वजह से उन बसों से जुड़े 350 संविदा कर्मी बेरोजगार हो गए। रोजगारी की मांग को लेकर कर्मचारी झूंसी स्थित वर्कशॉप में क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए।
सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ के बैनर तले झूंसी रोडवेज वर्कशाप में प्रतिदिन पांच संविदाकर्मी भूख हड़ताल पर बैठ रहे थे, जबकि उनके समर्थन में अन्य संविदाकर्मी वहां दिनभर मौजूद रहते। इस आंदोलन के दौरान संविदा कर्मी डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी समेत सांसद केशरी देवी पटेल, डॉ.रीता बहुगुणा जोशी आदि से भी मिले। सीएम तक भी उन्होंने अपनी मांग पहुंचाई। पिछले सप्ताह प्रयागराज पहुंचे प्रमुख सचिव परिवहन वेंकटेश्वर लू से भी संविदाकर्मी मिले। प्रमुख सचिव ने भी संविदा कर्मियों को सकारात्मक आश्वासन दिया ।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को श्रम आयुक्त कार्यालय में उप श्रमायुक्त राजेश मिश्रा, प्रयागराज सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के प्रबंधक निदेशक एमके त्रिवेदी व श्रमिक पक्ष की तरफ से शाखा अध्यक्ष अंबकेश जायसवाल, कोषाध्यक्ष अंकित श्रीवास्तव, शाखा उपाध्यक्ष विकास मिश्रा, अविनाश मिश्र ने एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत डीजल से चलने वाली बसों में काम कर रहे 182 परिचालक नई आने वाली इलेक्ट्रिक बसों में सेवायोजित किए जाएंगे। यह भी कहा गया कि 158 चालकों को परिवहन निगम में समायोजित किया जाएगा, इसमें से 73 ने कार्यभार ग्रहण किया। इस समझौते के बाद ही संविदा कर्मियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया।