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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Gohri Four murder case: neither the event was known, nor scientific evidence, how was it sent to jail, questions were raised on the action of the police

गोहरी चौहरे हत्याकांड : न घटनाक्रम का पता, न ही वैज्ञानिक साक्ष्य तो कैसे भेज दिया जेल, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

Tue, 07 Dec 2021 05:40 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 07 Dec 2021 05:40 AM IST
सार

जेल भेजे गए दोनों युवकों के घरवालों का कहना है कि पुलिस उन्हें फर्जी फंसा रही है। घटना जब की बताई जा रही है, उस वक्त शशि की लोकेशन हरियाणा के मानेसर में थी। उनका दावा है कि वह जिस फैक्ट्री में काम करता है, वहां के सीसीटीवी कैमरे में भी उसकी तस्वीर कैद है।

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Gohri Four murder case: neither the event was known, nor scientific evidence, how was it sent to jail, questions were raised on the action of the police
four murder in prayagraj - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फाफामऊ के दलित परिवार हत्याकांड में पुलिस ने भले ही युवती के प्रेमी और उसके मौसेरे भाई को जेल भेज दिया हो लेकिन उसकी थ्योरी अब भी सवालों के घेरे में है। पुलिस अब तक न तो घटनाक्रम का पता लगा सकी है और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई वैज्ञानिक साक्ष्य उसके हाथ लगा है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर दोनों युवकों को जेल कैसे भेज दिया गया। मामले को लेकर जो भी सवाल हैं, उसका जवाब देने के लिए भी पुलिस की ओर से कोई पहल नहीं की गई। ऐसे में चार निर्दोषो की हत्या की गुत्थी तीन युवकों के जेल जाने केबाद भी अनसुलझी है।

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दरअसल जेल भेजे गए दोनों युवकों के घरवालों का कहना है कि पुलिस उन्हें फर्जी फंसा रही है। घटना जब की बताई जा रही है, उस वक्त शशि की लोकेशन हरियाणा के मानेसर में थी। उनका दावा है कि वह जिस फैक्ट्री में काम करता है, वहां के सीसीटीवी कैमरे में भी उसकी तस्वीर कैद है। यहां तक कि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के जरिए हाजिरी लगाने केरिकॉर्ड भी वहां मौजूद हैं। जानकारों का कहना है कि घरवालों के आरोपों को नजरअंदाज भी कर दिया जाए तो भी कई सवालों का जवाब मिलना अभी बाकी है।

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Gohri Four murder case: neither the event was known, nor scientific evidence, how was it sent to jail, questions were raised on the action of the police
four murder in prayagraj - फोटो : अमर उजाला

मसलन घटना को कैसे अंजाम दिया गया, इस बाबत पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है। सवाल यह भी है कि जिन हथियारों से घटना को अंजाम देने की आशंक जताई जा रही है, क्या उन पर मिले फिंगर प्रिंट का मिलान आरोपियों केफिंगर प्रिंट से हुआ। इसके अलावा डीएनए टेस्ट रिपोर्ट केबाबत भी पुलिस की ओर से कोई जानकारी नहीं उपलब्ध कराई गई।

घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी के साक्ष्य मसलन लोकशन, सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुआ है या नहीं, इस बाबत भी पुलिस कुछ नहीं बोल रही हैं। एक ही परिवार के चार लोगों की निर्ममता से हत्या की जघन्य वारदात में केवल दो ही युवक थे या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे, इस बाबत भी पुलिस की ओर से कुछ नहीं बताया गया। गौरतलब है कि घटना वाले दिन मौका मुआयना के बाद ही अफसरों ने आशंका जताई थी कि घटना में कई लोग शामिल हो सकते हैं।

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Gohri Four murder case: neither the event was known, nor scientific evidence, how was it sent to jail, questions were raised on the action of the police
Prayagraj News : फाफामऊ गंगा घाट पर एक साथ जलतीं चार चिताएं। - फोटो : प्रयागराज

सामने नहीं लाए गए आरोपी, गुपचुप भेजे गए जेल

इस मामले में एक और खास बात यह रही कि युवती के प्रेमी समेत दो युवकों को जेल भेजने की कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई। यहां तक कि उन्हें सामने भी नहीं लाया गया और गुपचुप तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई। बड़ी बात यह रही कि अफसर भी इस मामले में सामने नहीं आए और सामूहिक हत्या के मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी महज एक प्रेस नोट के माध्यम से उपलब्ध कराकर चुप बैठ गए।

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Gohri Four murder case: neither the event was known, nor scientific evidence, how was it sent to jail, questions were raised on the action of the police
Prayagraj News : पुलिस ने खोजी कुत्ते के माध्यम से छानबीन की। - फोटो : प्रयागराज

हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका भी स्पष्ट नहीं

इस मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका को लेकर भी कोई जानकारी अब तक नहीं दी गई है। दरअसल नामजद 11 में 10 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है जिनमें से चार को पुराने मामले में जेल भी भेज दिया गया है। हालांकि शेष संदिग्धों की भूमिका के संबंध में अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। पूर्व की तरह एसपी गंगापार अभिषेक अग्रवाल से सीयूजी नंबर पर कॉल करने पर भी सपर्क नहीं हो सका।

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