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रिक्त पदों की जानकारी दें या कोर्ट में हाजिर हों अफसर
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल एवं पीएसी भर्ती 2015 में पांच से अधिक रिक्त रह गए पदों की भर्ती के मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा कोई जानकारी न देने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि यदि अगली नियत तिथि तक जानकारी नहीं उपलब्ध कराई जाती है तो चेयरमैन पुलिस भर्ती बोर्ड, एडिशनल सेक्रेटरी और डीआईजी स्थापना अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों।
अजय प्रकाश मिश्रा और 216 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने दिया है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 2015 की भर्ती में 5694 पद रिक्त रह गए हैं। इन पर नियुक्ति को लेकर के अभ्यर्थियों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। उनका कहना है इन पदों को अगली भर्ती के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं किया गया है। इसी प्रकार से 2018 की भर्तियों में भी तमाम पद रिक्त रह गए हैं। कोर्ट ने इन दोनों भर्तियों में रिक्त पदों की स्थिति की जानकारी मांगी थी।
सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को इस बाबत सूचना प्रेषित की गई है और उनकी ओर से जानकारी उपलब्ध कराने का इंतजार किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि अगली तारीख तक जानकारी नहीं उपलब्ध कराई जाती है तो अधिकारी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होंगे। याचिका पर अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी।
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अजय प्रकाश मिश्रा और 216 अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने दिया है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 2015 की भर्ती में 5694 पद रिक्त रह गए हैं। इन पर नियुक्ति को लेकर के अभ्यर्थियों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। उनका कहना है इन पदों को अगली भर्ती के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं किया गया है। इसी प्रकार से 2018 की भर्तियों में भी तमाम पद रिक्त रह गए हैं। कोर्ट ने इन दोनों भर्तियों में रिक्त पदों की स्थिति की जानकारी मांगी थी।
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सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को इस बाबत सूचना प्रेषित की गई है और उनकी ओर से जानकारी उपलब्ध कराने का इंतजार किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि अगली तारीख तक जानकारी नहीं उपलब्ध कराई जाती है तो अधिकारी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होंगे। याचिका पर अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी।
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