{"_id":"63af46363de0a720d91c5cb2","slug":"gharial-seen-sunbathing-on-the-banks-of-the-ganges-in-kada-allahabad-news-ald349455866","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: कड़ा में गंगा किनारे धूप सेंकते दिखा घड़ियाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: कड़ा में गंगा किनारे धूप सेंकते दिखा घड़ियाल
विज्ञापन
कड़ा धाम के बड़का टीला के पास धूप लेता घड़ियाल।
- फोटो : KAUSHAMBI
कड़ा। कड़ाके की ठंड से इंसानों के साथ ही पशु-पक्षी भी परेशान हैं। इसका उदाहरण शुक्रवार को कड़ा धाम में देखने को मिला। दोपहर में कड़ा बड़का टीला के पास गंगा किनारे रेत में एक घड़ियाल धूप में दिखाई पड़ा। तराई में तरबूज की खेती करने वाले किसानों की नजर पड़ी तो वे सहम गए। हालांकि लोगों की चहलकदमी बढ़ने पर घड़ियाल फिर गंगा नदी में चला गया।
शुक्रवार को कड़ा में गंगा नदी किनारे घड़ियाल दिखने से आसपास के लोग में दहशत आ गए। गंगा की तराई में तरबूज की खेती करने वाले दिलीप यादव ने बताया कि शुक्रवार दोपहर जब वह तरबूज की रखवाली कर रहे थे, तभी उनकी निगाह कुछ ही दूरी पर धूप सेंक रहे एक घड़ियाल पर पड़ी। घड़ियाल देखते ही वह सहम गया। आसपास मौजूद लोगों को आवाज देकर वह मौके से भाग निकला। शोरगुल सुनकर लोगों को जुटता देख घड़ियाल गंगा में कूद गया। कड़ा निवासी सोहनलाल, रामभवन, सुभाषचंद्र आदि का कहना है कि गंगा किनारे घड़ियाल दिखने से अब लोग कछार की ओर जाने से डर रहे हैं। वहीं जिन लोगों ने तरबूज बो रखा है, उन्होंने बच्चों और महिलाओं को कछार की ओर जाने के लिए मना कर दिया है।
कभी-कभी धूप सेंकने के लिए घड़ियाल गंगा नदी से बाहर निकल आते हैं। घड़ियाल अनावश्यक लोगों पर हमला नहीं करते हैं। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों से अपील है कि वह उसे किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं। -आरसी यादव, डीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को कड़ा में गंगा नदी किनारे घड़ियाल दिखने से आसपास के लोग में दहशत आ गए। गंगा की तराई में तरबूज की खेती करने वाले दिलीप यादव ने बताया कि शुक्रवार दोपहर जब वह तरबूज की रखवाली कर रहे थे, तभी उनकी निगाह कुछ ही दूरी पर धूप सेंक रहे एक घड़ियाल पर पड़ी। घड़ियाल देखते ही वह सहम गया। आसपास मौजूद लोगों को आवाज देकर वह मौके से भाग निकला। शोरगुल सुनकर लोगों को जुटता देख घड़ियाल गंगा में कूद गया। कड़ा निवासी सोहनलाल, रामभवन, सुभाषचंद्र आदि का कहना है कि गंगा किनारे घड़ियाल दिखने से अब लोग कछार की ओर जाने से डर रहे हैं। वहीं जिन लोगों ने तरबूज बो रखा है, उन्होंने बच्चों और महिलाओं को कछार की ओर जाने के लिए मना कर दिया है।
विज्ञापन
कभी-कभी धूप सेंकने के लिए घड़ियाल गंगा नदी से बाहर निकल आते हैं। घड़ियाल अनावश्यक लोगों पर हमला नहीं करते हैं। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों से अपील है कि वह उसे किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं। -आरसी यादव, डीएफओ
विज्ञापन