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सिविल लाइंस प्रयागराज का जीजीआईसी कैंपस बना धरना स्थल
Mon, 12 Oct 2020 11:17 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 12 Oct 2020 11:17 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
जिले में धरना स्थल घोषित कर दिया गया है। इसके लिए सिविल लाइंस के पत्थर गिरजाघर के पास स्थित पुराने राजकीय बालिका इंटर कालेज परिसर को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा जिला मुख्यालय में कहीं भी धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने इस बाबत शनिवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
अभी कलेक्ट्रेट परिसर के अलावा टैंपों स्टैंड, बालसन चौराहा, सिविल लाइंस में सुभाष चौराहा आदि स्थलों पर धरना-प्रदर्शन होते रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद पार्क समेत अन्य स्थलों तक जुलूस-मार्च भी निकाले जाते रहे हैं। इससे आम लोगों को जाम की समस्या समेत कई अन्य तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तनाव तथा पुलिस की ओर से बल प्रयोग किए जाने की स्थिति में हालात और बिगड़ जाते है। इसके अलावा शासन की ओर से भी पिछले वर्ष नवंबर में धरना स्थल चिह्नित करने का निर्देश दिया गया था।
इसी परिपेक्ष्य में पहले ही खाली कराए जा चुके पुराने जीजीआईसी परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए चिह्नित किया गया है। इस आदेश के तहत प्रशासन की अनुमति के बाद धरना-प्रदर्शन, जुलूस, आंदोलन, सार्वजनिक कार्यक्रम आदि आयोजन अब जीजीआईसी परिसर में ही किए जा सकेंगे। अन्य स्थल पर इस तरह की गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। राजनीतिक दलों की सभाएं भी सिर्फ जीजीआईसी परिसर में हो सकेंगी। डीएम का कहना है कि इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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सिविल लाइंस में पत्थर गिरजाघर के पास राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का पुराना भवन है। शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से इसे धरनास्थल के रूप में चिह्नित किया गया है। फिलहाल इस स्थान पर अभी मलबा पड़ा हुआ है, साथ ही कुछ हिस्से में एक एजेंसी का गोदाम भी है। धरना प्रदर्शन आदि के लिए इसकी साफसफाई की जाएगी अथवा नहीं, फिलहाल यह भी साफ नहीं है। ऐसे में कई तरह केसवाल भी खड़े हो रहे हैं।
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अभी कलेक्ट्रेट परिसर के अलावा टैंपों स्टैंड, बालसन चौराहा, सिविल लाइंस में सुभाष चौराहा आदि स्थलों पर धरना-प्रदर्शन होते रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद पार्क समेत अन्य स्थलों तक जुलूस-मार्च भी निकाले जाते रहे हैं। इससे आम लोगों को जाम की समस्या समेत कई अन्य तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तनाव तथा पुलिस की ओर से बल प्रयोग किए जाने की स्थिति में हालात और बिगड़ जाते है। इसके अलावा शासन की ओर से भी पिछले वर्ष नवंबर में धरना स्थल चिह्नित करने का निर्देश दिया गया था।
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इसी परिपेक्ष्य में पहले ही खाली कराए जा चुके पुराने जीजीआईसी परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए चिह्नित किया गया है। इस आदेश के तहत प्रशासन की अनुमति के बाद धरना-प्रदर्शन, जुलूस, आंदोलन, सार्वजनिक कार्यक्रम आदि आयोजन अब जीजीआईसी परिसर में ही किए जा सकेंगे। अन्य स्थल पर इस तरह की गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। राजनीतिक दलों की सभाएं भी सिर्फ जीजीआईसी परिसर में हो सकेंगी। डीएम का कहना है कि इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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मलबा भरे परिसर में कैसे होगा धरना?
जिला प्रशासन की ओर से धरना प्रदर्शन के लिए सिविल लाइंस स्थित जीजीआईसी के पुराने परिसर को चिह्नित किया गया है। फिलहाल इस जगह पर मलबा भरा हुआ है ऐसे में यहां धरना किस प्रकार होगा, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।सिविल लाइंस में पत्थर गिरजाघर के पास राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का पुराना भवन है। शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से इसे धरनास्थल के रूप में चिह्नित किया गया है। फिलहाल इस स्थान पर अभी मलबा पड़ा हुआ है, साथ ही कुछ हिस्से में एक एजेंसी का गोदाम भी है। धरना प्रदर्शन आदि के लिए इसकी साफसफाई की जाएगी अथवा नहीं, फिलहाल यह भी साफ नहीं है। ऐसे में कई तरह केसवाल भी खड़े हो रहे हैं।