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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ganga Parikrama Padayatra: A plan to grow small forests for the environment in the banks of the Ganges

गंगा परिक्रमा पदयात्रा: गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में पर्यावरण के लिए छोटे वन उगाने की योजना

Thu, 24 Jun 2021 10:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 24 Jun 2021 10:31 PM IST
सार

  • मंडलायुक्त ने प्रयागराज और प्रतापगढ़ में मिनी फारेस्ट के लिए जमीन तलाशने का दिया निर्देश
  • गंगा निर्मलीकरण के लिए जन सहभागिता बढ़ाने पर जोर, गंगा परिक्रमा करने वाले यात्रियों ने अपने अनुभवों को किया साझा 
  • 5530 किमी पूरी की गई गंगा की परिक्रमा
  • 190 दिन में यात्रा पूरी कर प्रयागराज पहुंचे गंगा यात्री
  • 11 वर्ष तक निर्मलीकरण के लिए चलेगा मुंडमाल गंगा परिक्रमा अभियान

     

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Ganga Parikrama Padayatra: A plan to grow small forests for the environment in the banks of the Ganges
सर्किट हाउस में बृहस्पतिवार को गंगा परिक्रमा यात्रा के सदस्यों को सम्मानित किया गया। - फोटो : prayagraj

विस्तार

गोमुख से गंगासागर तक 5530 किमी यात्रा पूरी करने के बाद मुंडमाल परिक्रमा के यात्रियों ने बृहस्पतिवार को गंगा में प्रदूषण की वजहों और अन्य समस्याओं को विस्तार से साझा किया। गंगा यात्रियों ने अपने अनुभवों के आधार पर बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें चाहे जितना भी प्रयास करें, लेकिन जन सहयोग के बिना गंगा की निर्मलता का सपना साकार नहीं हो सकता। इस दौरान मंडलायुक्त संजय गोयल ने भी जन सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए गंगा के तटवर्ती इलाकों में छोटे -छोटे वनों के विकास की योजना की जानकारी दी।  

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सर्किट हाउस में मंडलायुक्त ने निर्मलीकरण के लिए गंगा किनारे की ग्राम पंचायतों के साथ ही तटवर्ती इलाके के युवाओं को अभियान से जोड़ने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि जिन प्रदेशों के गांवों से गंगा गुजर रही हों, वहां मिनी फारेस्ट का विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक बूंद गंगा जल से पूरी बाल्टी का पानी पवित्र हो जाता है। ऐसे में गंगा के महत्व को समझा जा सकता है। मंडलायुक्त ने बताया कि मिनी फारेस्ट के विकास के लिए प्रयागराज और प्रतापगढ़ के सीडीओ से उन्होंने भूमि की तलाश करने के लिए कहा है। मंडलायुक्त का कहना था कि जो संस्थाएं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी हैं और पौधे लगाने का काम कर रही हैं, उनको इस अभियान से जोड़ा जाना चाहिए। आईजी केपी सिंह ने गंगा के साथ सहायक नदियों को भी निर्मल बनाने पर जोर दिया।
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इससे पहले अतुल्य भारत संस्था की ओर से इस मुंडमाल गंगा परिक्रमा यात्रा का प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया। कर्नल मनोज केश्वर ने 190 दिन में पूरी हुई इस गंगा यात्रा की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने यात्रा के दौरान ही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आ गई और कई अभियानकर्मी संक्रमित भी हुए, लेकिन साहस के साथ कुछ साथियों को लेकर यह यात्रा पूरी की गई। अतुल्य गंगा के संस्थापक सदस्य गोपाल शर्मा ने बताया कि 1987 में उन्होंने इस यात्रा का सपना देखा था, जो अब पूरा हुआ। अब अगले 11 साल तक इस मुंडमाल परिक्रमा पर काम किया जाएगा। एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के अलावा इस यात्रा से जुड़े योगेश शुक्ला ने भी अपने अनुभवों को साझा किया। संचालन सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्र ने किया। इस यात्रा का समापन बुधवार को समुद्र कूप पर हुआ था। 
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मंडलायुक्त ने गंगा यात्रियों को किया सम्मानित

मंडलायुक्त संजय गोयल ने मुंडमाल गंगा परिक्रमा पदयात्रा के साथ वृक्षमाल अभियान को पूरा करने वाले यात्रियों को सम्मानित किया। यह यात्रा पूरी करने वाले रोहित जाट और शगुन त्यागी को मंडलायुक्त ने सम्मानित किया। साथ ही इस यात्रा में गंगा के तटों पर पौधरोपण करने वाले कालेश्वर मिश्रा और नितीन रंजन को भी सम्मानित किया गया। इनके अलावा पदयात्रा से जुड़े सभी नौ सदस्यों को शॉल भेंट की गई।

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