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प्रतिमा स्थापना के साथ गंगा महोत्सव शुरू
इलाहाबाद
Updated Sat, 27 May 2017 01:56 AM IST
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गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में हरिहर आरती समिति की ओर से दस दिनी राष्ट्रीय गंगा महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को रामघाट पर प्रतिमा स्थापना से हुई। बहुपात्र आरती, दीपदान के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में गंगा महिमा का गुणगान किया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के सानिध्य में आचार्य पुरोहितों ने विधिविधान से वैदिक मंत्रों के बीच पूजा अर्चना की। गंगा को पियरी, सुहाग सामग्री एवं नैवेद्य अर्पित किया गया। बहुपात्र से महाआरती हुई।
महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि मोक्षदायिनी गंगा के प्रति हम सब सजग एवं समर्पित रहें। गंगा सेवा, मातृ सेवा है। बतौर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी ने कहा कि गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल रखने की जिम्मेदारी सभी की है। श्रद्धालुओं ने गंगा मइया के जयकारों के साथ दीपदान किया। संयोजक अवधेश चंद्र गुप्ता ने गंगा स्वच्छता अभियान के तहत संकल्प पत्र भरवाया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायिका एकता ने ‘गंगा तोरी लहरि बसै के मन भावे...’, ‘गंगा मइया तोहे पियरी...’, ‘चलो चलो गंगा नहाय स्वर्ग से सिधारी गंगा...’, ‘शिव की जटा में समानी...’ आदि सुनाकर मंत्रमुग्ध किया। अध्यक्ष सुरेश चंद्रा ने स्वागत किया। इस अवसर पर प्रमोद पांडेय, लालजी यादव, संजय मेहरोत्रा, राधेश्याम, रेनू मिश्रा, रामचंद्रर आदि उपस्थित रहे। नरेंद्र मौर्य के मुताबिक शनिवार को गंगा पर आधारित कवि सम्मेलन होगा।
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महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि मोक्षदायिनी गंगा के प्रति हम सब सजग एवं समर्पित रहें। गंगा सेवा, मातृ सेवा है। बतौर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी ने कहा कि गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल रखने की जिम्मेदारी सभी की है। श्रद्धालुओं ने गंगा मइया के जयकारों के साथ दीपदान किया। संयोजक अवधेश चंद्र गुप्ता ने गंगा स्वच्छता अभियान के तहत संकल्प पत्र भरवाया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायिका एकता ने ‘गंगा तोरी लहरि बसै के मन भावे...’, ‘गंगा मइया तोहे पियरी...’, ‘चलो चलो गंगा नहाय स्वर्ग से सिधारी गंगा...’, ‘शिव की जटा में समानी...’ आदि सुनाकर मंत्रमुग्ध किया। अध्यक्ष सुरेश चंद्रा ने स्वागत किया। इस अवसर पर प्रमोद पांडेय, लालजी यादव, संजय मेहरोत्रा, राधेश्याम, रेनू मिश्रा, रामचंद्रर आदि उपस्थित रहे। नरेंद्र मौर्य के मुताबिक शनिवार को गंगा पर आधारित कवि सम्मेलन होगा।
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