गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के तट पर महापर्व कुंभ का आगाज हो चुका है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का त्रिवेणी संगम पर डुबकी लगाने का सिलसिला जारी है। मेले के दौरान संगम तट एक छोटे शहर की भांति बस गया है और यहां कई अखाड़े, साधु-संत और समाजसेवी संगठन अपना डेरा डाल चुके हैं। सुबह से शाम तक यहां धार्मिक कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन इन सबसे इतर जिस चीज का हर किसी को इन्तजार रहता है तो वह है यहां शाम को होने वाली गंगा आरती। आरती से पूर्व शंखनाद के साथ मंत्रोच्चारण होता है, शंखों की ध्वनि से गंगाजल व शरीर शुद्ध हो जाते हैं और मंत्रो के जाप से विपत्तियां और बाधाएं नहीं आतीं।
तस्वीरें: गंगा आरती की कैसे होती है तैयारी, नहीं जानते होंगे ये बातें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला प्रयागराज
Published by: shubham
Updated Thu, 17 Jan 2019 06:29 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन