फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   From the arrival of two Patel, the fascination of Phulpur

दो पटेल के आने से रोचक हुआ फूलपुर का संग्राम

Tue, 20 Feb 2018 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 20 Feb 2018 01:38 AM IST
विज्ञापन
From the arrival of two Patel, the fascination of Phulpur
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा के बाद अब भाजपा ने भी पटेल प्रत्याशी उतारा है जिससे अब यहां का चुनावी मुकाबला पटेल बनाम पटेल हो गया है। भाजपा के कौशलेंद्र सिंह पटेल और सपा के नागेंद्र सिंह पटेल एक दूसरे से टकराएंगे तो कांग्रेस के मनीष मिश्र भी त्रिकोण बनाएंगे।
विज्ञापन


फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में अब तक हुए तमाम चुनावों में पटेल मतदाताओं को निर्णायक मतदाता माना गया है। हालांकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के पूर्व हुए परिसीमन के बाद यहां कायस्थ और ब्राह्मण मतदाताओं की भी खासी संख्या बढ़ी है। फिर भी 18.50 लाख वोटरों में से यहां सर्वाधिक पटेल बिरादरी के ही मतदाता है। एक अनुमान के मुताबिक इस लोकसभा में  पटेल बिरादरी के वोटरों की  संख्या तीन लाख के आसपास है। यहां मौर्य एवं अनुसूचित जाति के भी मतदाताओं की अच्छी तादाद है। ऐेसे में भाजपा और सपा दोनों द्वारा पटेल प्रत्याशी को मैदान में उतार देने के बाद मौर्य और एससी के मतदाता भी निर्णायक साबित हो सकते हैं। इस लोकसभा में मौर्य और एससी मतदाताओं की कुल संख्या 3.50 लाख के आसपास है।
विज्ञापन


फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने ही यहां से ब्राह्मण उम्मीदवार उतार कर भाजपा के इस वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। इस बार भाजपा से भी तमाम ब्राह्मण उम्मीदवारों ने टिकट के लिए दावा ठोंका था, लेकिन पार्टी ने यहां से पटेल बिरादरी के नेता को टिकट दी। ऐसे में भाजपा के सामने ब्राह्मण वोटरों के छिटकने का डर है। शहर उत्तरी, पश्चिम दो विधानसभा ब्राह्मण बाहुल्य मानी जाती हैं। फूलपुर की पांचों  विधानसभा में ब्राह्मण वोटरों की संख्या भी दो लाख के आसपास है। ऐसे में अगर ब्राह्मण का रुख भांपना इस बार भाजपा के लिए मुश्किल भरा काम है। पार्टी की नजर कायस्थ मतदाताओं पर टिकी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोरांव, फाफामऊ और शहर पश्चिमी विधानसभा में मुस्लिमों की  संख्या खासी तादाद में है। एक अनुमान के मुताबिक फूलपुर लोकसभा की पांच विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम वोटरों की संख्या दो लाख से ज्यादा है। कांग्रेस ने ब्राह्मण तो सपा ने पटेल उम्मीदवार को यहां से उतारा है। इन दोनों ही दलों की निगाहें मुस्लिम वोट बैंक पर टिकी हुई है। उधर भाजपा की ट्रिपल तलाक मुद्दे को इस बार के चुनाव में मुस्लिम महिलाओं को रिझाने के लिए कर सकती है। ऐसे में यह तीनों ही दल मुस्लिमों के वोटों में सेंध लगाने का पूरा प्रयास करेेंगे तो जंग दिलचस्प हो सकती है। उधर सपा अपने मुख्य वोट बैंक यादवों के भरोसे इस चुनाव में पूरा दमखम दिखाने की तैयारी कर रही है। यहां यादव वोटरों की संख्या भी दो लाख के आसपास है।

 फूलपुर संसदीय क्षेत्र  परंपरागत रूप से कांग्रेस की सीट रही है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू यहां से लगातार तीन बार सांसद चुने गए। कॉंग्रेस का जनाधार सिमटने पर इस सीट पर समाजवादियों का बोलबाला देखने को मिला। इसमें जातीय गणित के लिहाज से पटेलों का वर्चस्व देखने को मिला है। छह बार यहां से पटेल बिरादरी का सांसद चुना जा चुका है। लोकसभा के पिछले चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य के रूप में पहली बार यह सीट भाजपा के कब्जे में गई है। केशव ने प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनने के बाद फूलपुर लोकसभा सीट से त्यागपत्र दे दिया था। उनके त्यागपत्र से रिक्त सीट को भरने के लिए यहां उपचुनाव हो रहा है।

फूलपुर लोकसभा के वर्ष 2014 में प्रमुख दलों को मिले मतों का विवरण
भाजपा     5,03,564
सपा     1,95,256
बसपा     1,63,710
कांग्रेस    58,127

फूलपुर सीट भले ही केशव प्रसाद मौर्य के त्यागपत्र से रिक्त हुई हों, लेकिन यहां भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को टिकट देकर कहीं न कहीं यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी की पहली पसंद उसके निष्ठावान कार्यकर्ता हैं।

यूं तो फूलपुर उपचुनाव में जिस किसी भी दल को जीत मिलेगी उसका कार्यकाल महज एक वर्ष का ही होगा। लेकिन इस चुनाव के माध्यम से सभी दल वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाले। भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों ही बड़े दल इस चुनाव को गंभीरता से ले रहे हैं। बसपा फूलपुर से चुनाव लड़ेगी या नहीं इसे लेकर सोमवार को भी कोई फैसला सामने नहीं आया है। फूलपुर में 20 फरवरी नामांकन की अंतिम तारीख है। भाजपा और कांग्रेस के दोनों  उम्मीदवार मंगलवार सुबह नामांकन दाखिल करेंगे, जबकि सपा  प्रत्याशी द्वारा सोमवार को ही अपना पर्चा दाखिल कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed