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सुबह से शाम, पूरा शहर जाम, पब्लिक बनी चकरघिन्नी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 08 May 2018 01:11 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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जैसा कि पहले से अंदेशा था, रामबाग डाट का पुल बंद होने के पहले ही दिन सोमवार को शहर में जाम से हाहाकार मच गया। अफसर एसी, कूलर में आराम फरमाते रहे, जबकि स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे कड़ी धूप में बिलबिलाते रहे, कुछ बच्चेे तो बेहोश भी हो गए। प्यास से बेहाल लोग दिनभर शहर के निकम्मे हुक्मरानों को कोसते रहे। हाईकोर्ट पानी की टंकी, बैरहना और जीटी जवाहर चौराहे पर जाम से वाहन रेंगते रहे। पुराने शहर में तो सुबह से शाम तक जाम लगा रहा। अधिकारियों की अकर्मण्यता तो देखिए कि प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक सिपाहियों की संख्या बढ़ाने का जो निर्णय रविवार को लेना था, उसे सोमवार को लिया गया।
निरंजन डाट का पुल के पास सुबह से ही जाम लग गया था। रामबाग का पूरा ट्रैफिक इसी ओर आ गया था। 11 बजे के बाद जब स्कूलों की छुट्टियां शुरू हुईं, तो वहां स्थिति बेकाबू हो गई। दोपहर में वहां लगभग दो किलोमीटर तक ट्रैफिक थम गया। इस दौरान जाम में सैकड़ों बच्चे फंस गए। जाम निरंजन पुल से शुरू होकर रामबाग तक पहुंच गया। जानसेनगंज चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाही खड़े होकर जाम देखते रहे। करीब आधा घंटे बाद ट्रैफिक इंस्पेक्टर अन्य अधिकारी पहुंचे तो धीरे-धीरे लोगों को वहां निकाला गया।
हाईकोर्ट पानी की टंकी के आस पास भी निरंजन डाट का पुल जैसा ही जाम लगा रहा। यहां पर ट्रैफिक पुलिस के एक दरोगा और दो सिपाहियों की दिन भर ड्यूटी रहती है लेकिन, जाम के समय कोई काम न आया। सबसे ज्यादा परेशानी ट्राली और रिक्शे में जा रहे बच्चों को हुई। पानी की टंकी का जाम स्टेशन तक लगा रहा।
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रामबाग में फ्लाईओवर बनने की वजह से सोमवार को रास्ता रोक दिया गया था। तमाम लोगों को यह बात नहीं मालूम थी, इसी कारण वहां भी वाहनों की कतार लगी रही। रामबाग से निरंजन की ओर जाने वाले मार्ग पर दिनभर वाहन रेंगते रहे। चारों ओर धूल, गर्द और धुएं से तमाम लोगों की तबियत खराब हो गई थी। लोग दुकानों पर पानी मांगते नजर आए।
बैरहना और जीटी जवाहर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने कोई भी योजना नहीं बनाई थी, इस कारण सुबह से लोग बेहाल रहे। दोपहर में स्कूलों की छुट्टियों के समय पूरा बैरहना और सोहबतियाबाग में कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। बैरहना में नगर निगम ने दोनों ओर से सड़क खोदी है। महीने भर हो गए लेकिन, उसे बनवाया नहीं जा रहा है। वहां का रास्ता संकरा हो गया है। इसी कारण लोग जाम से जूझते रहे।
पुराने शहर के चौक, शाहगंज, अतरसुइया, मुट्ठीगंज, कीडगंज, रामबाग, खुल्दाबाद आदि इलाके में सुबह से ही जाम से जूझते रहे। इन इलाकों में दस मिनट की दूरी एक से दो घंटे में तय हो रही थी। लोग दिन भर फंसे रहे और ट्रैफिक पुलिस को कोसते रहे। अल्लापुर में कुंदन गेस्ट हाउस और कटरा इलाके में भी दिन भर जाम लगा रहा।
जाम के कारण निरंजन डाट का पुल के पास स्कूटी से अपनी मां के साथ जा रही दो छोटी बच्चियां बेहोश होते बचीं। इसी तरह जानसेनगंज चौराहे पर रिक्शा ट्राली में जा रहे दो बच्चे बेहोश हुए तो उन्हें पानी छिड़ककर होश में लाया गया। पानी टंकी चौराहे पर धूमनगंज में हुए हादसे में घायल को लेकर जा रही एंबुलेंस फंस गई थी। करीब दो घंटे तक एंबुलेंस ओवरब्रिज पर ही फंसी रही और घायल तड़पता रहा। स्टेशन जाने वाले कई लोगों की ट्रेन जाम ने छुड़वा दी।
डीएम : रामबाग डाट का पुल को सोमवार से बंद होना था। यह बात जानते हुए भी डीएम ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए।
बीएसए : स्कूलों में 11 बजे के बाद छुट्टियां हो रहीं हैं, बीएसए और डीआईओएस ने स्कूलों में समय को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं जारी किया था।
एसपी ट्रैफिक : शहर में जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास न कोई योजना थी, न जाम से निपटने का कोई फार्मूला।
एडीए : जगह-जगह सड़क तो खोद दी लेकिन अभी तक उनको बनवाया नहीं गया, जिसने समस्या को और विकट बना दिया।
---रामबाग का रास्ता बंद होने के कारण कुछ सड़कों पर जाम लग गया था, जिसे प्रयास कर खुलवा लिया गया। मंगलवार को प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक के दरोगा सिपाहियों की ड्यूटी बढ़ाई जा रही है। होमगार्डों को भी मदद के लिए लगाया गया है।
रामप्रकाश दोहरे, सीओ ट्रैफिक
शहर में सोमवार को लगे भीषण जाम में दो विद्यार्थियों का पूरा साल खराब हो गया। मम्फोर्डगंज से बम्हरौली पहुंचने में उन्हें चार घंटे का वक्त लग गया। तीन घंटे में वे पानी टंकी चौराहे पर जाम में फंसे रहे और परीक्षा शुरू होने के एक घंटा बाद सेंटर पर पहुंच सके। देर से पहुंचने पर उन्हें सेंटर में प्रवेश नहीं दिया गया और वे प्रवेश परीक्षा से वंचित रह गए।
मम्फोर्डगंज में रहने वाले नंद कुमार गुप्ता के बेटे सागर गुप्ता और भतीजी दीक्षा गुप्ता ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। उन्हें बम्हरौली केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र के रूप में आवंटित किया गया था। दोपहर दो बजे रिपोर्टिंग टाइम था और परीक्षा अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक होनी थी। दोनों विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए दोपहर 12 बजे घर से निकले। अमूमन मम्फोर्डगंज से बम्हरौली पहुंचने में अधिकतम एक घंटा का वक्त लगता था लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि वे बड़ी मुसीबत में फंसने जा रहे हैं। घर से निकलकर हाईकोर्ट होते हुए पानी टंकी के पास पहुंचे तो वहां भीषण जाम लगा हुआ था। हालत इतनी बदतर थी कि पैदल निकलने की जगह भी नहीं थी। दोनों तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे। काफी मशक्कत के बाद दोनों वहां से निकले लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अपराह्न चार बजे के आसपास दोनों परीक्षा केंद्र पहुंचे। तब तक परीक्षा शुरू हुए आधा समय बीत चुका था। उन्हें केंद्र के बाहर से लौटा दिया गया। दोनों प्रवेश परीक्षा से वंचित रह गए और उनका एक साल खराब हो गया।
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निरंजन डाट का पुल के पास सुबह से ही जाम लग गया था। रामबाग का पूरा ट्रैफिक इसी ओर आ गया था। 11 बजे के बाद जब स्कूलों की छुट्टियां शुरू हुईं, तो वहां स्थिति बेकाबू हो गई। दोपहर में वहां लगभग दो किलोमीटर तक ट्रैफिक थम गया। इस दौरान जाम में सैकड़ों बच्चे फंस गए। जाम निरंजन पुल से शुरू होकर रामबाग तक पहुंच गया। जानसेनगंज चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाही खड़े होकर जाम देखते रहे। करीब आधा घंटे बाद ट्रैफिक इंस्पेक्टर अन्य अधिकारी पहुंचे तो धीरे-धीरे लोगों को वहां निकाला गया।
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हाईकोर्ट पानी की टंकी के आस पास भी निरंजन डाट का पुल जैसा ही जाम लगा रहा। यहां पर ट्रैफिक पुलिस के एक दरोगा और दो सिपाहियों की दिन भर ड्यूटी रहती है लेकिन, जाम के समय कोई काम न आया। सबसे ज्यादा परेशानी ट्राली और रिक्शे में जा रहे बच्चों को हुई। पानी की टंकी का जाम स्टेशन तक लगा रहा।
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रामबाग में फ्लाईओवर बनने की वजह से सोमवार को रास्ता रोक दिया गया था। तमाम लोगों को यह बात नहीं मालूम थी, इसी कारण वहां भी वाहनों की कतार लगी रही। रामबाग से निरंजन की ओर जाने वाले मार्ग पर दिनभर वाहन रेंगते रहे। चारों ओर धूल, गर्द और धुएं से तमाम लोगों की तबियत खराब हो गई थी। लोग दुकानों पर पानी मांगते नजर आए।
बैरहना और जीटी जवाहर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने कोई भी योजना नहीं बनाई थी, इस कारण सुबह से लोग बेहाल रहे। दोपहर में स्कूलों की छुट्टियों के समय पूरा बैरहना और सोहबतियाबाग में कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। बैरहना में नगर निगम ने दोनों ओर से सड़क खोदी है। महीने भर हो गए लेकिन, उसे बनवाया नहीं जा रहा है। वहां का रास्ता संकरा हो गया है। इसी कारण लोग जाम से जूझते रहे।
पुराने शहर के चौक, शाहगंज, अतरसुइया, मुट्ठीगंज, कीडगंज, रामबाग, खुल्दाबाद आदि इलाके में सुबह से ही जाम से जूझते रहे। इन इलाकों में दस मिनट की दूरी एक से दो घंटे में तय हो रही थी। लोग दिन भर फंसे रहे और ट्रैफिक पुलिस को कोसते रहे। अल्लापुर में कुंदन गेस्ट हाउस और कटरा इलाके में भी दिन भर जाम लगा रहा।
जाम के कारण निरंजन डाट का पुल के पास स्कूटी से अपनी मां के साथ जा रही दो छोटी बच्चियां बेहोश होते बचीं। इसी तरह जानसेनगंज चौराहे पर रिक्शा ट्राली में जा रहे दो बच्चे बेहोश हुए तो उन्हें पानी छिड़ककर होश में लाया गया। पानी टंकी चौराहे पर धूमनगंज में हुए हादसे में घायल को लेकर जा रही एंबुलेंस फंस गई थी। करीब दो घंटे तक एंबुलेंस ओवरब्रिज पर ही फंसी रही और घायल तड़पता रहा। स्टेशन जाने वाले कई लोगों की ट्रेन जाम ने छुड़वा दी।
डीएम : रामबाग डाट का पुल को सोमवार से बंद होना था। यह बात जानते हुए भी डीएम ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए।
बीएसए : स्कूलों में 11 बजे के बाद छुट्टियां हो रहीं हैं, बीएसए और डीआईओएस ने स्कूलों में समय को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं जारी किया था।
एसपी ट्रैफिक : शहर में जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास न कोई योजना थी, न जाम से निपटने का कोई फार्मूला।
एडीए : जगह-जगह सड़क तो खोद दी लेकिन अभी तक उनको बनवाया नहीं गया, जिसने समस्या को और विकट बना दिया।
---रामबाग का रास्ता बंद होने के कारण कुछ सड़कों पर जाम लग गया था, जिसे प्रयास कर खुलवा लिया गया। मंगलवार को प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक के दरोगा सिपाहियों की ड्यूटी बढ़ाई जा रही है। होमगार्डों को भी मदद के लिए लगाया गया है।
रामप्रकाश दोहरे, सीओ ट्रैफिक
शहर में सोमवार को लगे भीषण जाम में दो विद्यार्थियों का पूरा साल खराब हो गया। मम्फोर्डगंज से बम्हरौली पहुंचने में उन्हें चार घंटे का वक्त लग गया। तीन घंटे में वे पानी टंकी चौराहे पर जाम में फंसे रहे और परीक्षा शुरू होने के एक घंटा बाद सेंटर पर पहुंच सके। देर से पहुंचने पर उन्हें सेंटर में प्रवेश नहीं दिया गया और वे प्रवेश परीक्षा से वंचित रह गए।
मम्फोर्डगंज में रहने वाले नंद कुमार गुप्ता के बेटे सागर गुप्ता और भतीजी दीक्षा गुप्ता ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। उन्हें बम्हरौली केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र के रूप में आवंटित किया गया था। दोपहर दो बजे रिपोर्टिंग टाइम था और परीक्षा अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक होनी थी। दोनों विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए दोपहर 12 बजे घर से निकले। अमूमन मम्फोर्डगंज से बम्हरौली पहुंचने में अधिकतम एक घंटा का वक्त लगता था लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि वे बड़ी मुसीबत में फंसने जा रहे हैं। घर से निकलकर हाईकोर्ट होते हुए पानी टंकी के पास पहुंचे तो वहां भीषण जाम लगा हुआ था। हालत इतनी बदतर थी कि पैदल निकलने की जगह भी नहीं थी। दोनों तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे। काफी मशक्कत के बाद दोनों वहां से निकले लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अपराह्न चार बजे के आसपास दोनों परीक्षा केंद्र पहुंचे। तब तक परीक्षा शुरू हुए आधा समय बीत चुका था। उन्हें केंद्र के बाहर से लौटा दिया गया। दोनों प्रवेश परीक्षा से वंचित रह गए और उनका एक साल खराब हो गया।