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Prayagraj : चार राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में 1.38 करोड़ की धोखाधड़ी, तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी
Fri, 07 Jun 2024 01:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 07 Jun 2024 01:58 PM IST
सार
एफआईआर के मुताबिक राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भोजन, आवास, छात्रावास, पुस्तकें, स्टेशनरी व अन्य सुविधाओं की आपूर्ति समाज कल्याण विभाग की तरफ से निशुल्क मुहैया करवाया जाता है।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
कोरांव, कौड़िहार, सुरवल सहनी और खाई करछना के चार राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि समाज कल्याण विभाग की ओर से इन विद्यालयों में वर्ष 2018-19 से 2021-22 के बीच 1.38 करोड़ रुपये का गबन किया गया है। मामले में लखनऊ विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह, तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य रेनू सिंह, छोटेलाल, जीत लाल पटेल, छात्रावास अधीक्षक अमित शुक्ला, विद्यालयों में कार्यरत पटल सहायकों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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एफआईआर के मुताबिक राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भोजन, आवास, छात्रावास, पुस्तकें, स्टेशनरी व अन्य सुविधाओं की आपूर्ति समाज कल्याण विभाग की तरफ से निशुल्क मुहैया करवाया जाता है। जांच में सामने आया कि सभी राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में ग्रामीण विकास सेवा संस्थान नामक संस्था को भोजन व्यवस्था का काम दिया गया था। लेकिन, तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के प्रधानाचार्य और अधीक्षकों से मिलकर लाखों की अनियमितता की।
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संस्था की ओर से दिए गए अभिलेखों से पता चला कि कई बार धनराशि दी गई है, जिसका लेनदेन संदिग्ध पाया गया है। एसआईटी ने जांच पूरी करने के लिए इन लोगों से अभिलेख मांगे गए थे, लेकिन उपलब्ध नहीं कराए जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि संस्था में रहने के बावजूद ये आवासीय भत्ता वसूल रहे थे। इस तरह सभी ने मिलकर एक करोड़ 38 लाख का गबन कर लिया।
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आवासीय भत्ते की भी वसूली
एसआईटी की जांच में पता चला कि अगस्त 2019 से जनवरी 2022 तक सरकारी आवास आवंटित होने के बावजूद वेतन के साथ आवासीय भत्ता की भी वसूली कर रहे थे। इससे पहले वर्ष 2023 में नवाबगंज थाना पुलिस ने गबन का मुकदमा दर्ज किया था।