Fraud Case : सेंट मेरीज स्कूल में एडमीशन के नाम पर ठगी, एफआईआर
कार्यालय में बैठे कर्मचारी हैरत में रह गए। फीस रसीद नकली थी। प्रिंसिपल सिस्टर ज्योति को बताया गया। जांच की गई तो पता कि जालसाज ने स्कूल के नाम से ही फर्जी खाता भी खोला है, वहीं डीडी को भुनाया गया।
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शहर के नामी स्कूल सेंट मेरीज कान्वेंट में प्रवेश के नाम पर ठगी की गई। 26 अगस्त को एक महिला फीस रसीद लेकर अपनी बेटी के साथ स्कूल पहुंची तो पता चला कि प्रवेश हुआ ही नहीं है। फीस रसीद फर्जी थी। एक जालसाज ने खुद को स्कूल का टीचर बताकर महिला को ठग लिया था। सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सेंट मेरीज कान्वेंट में 26 अगस्त को एक महिला अपनी बेटी को लेकर स्कूल पहुंचीं। उन्होंने गेट पर बताया कि उनकी बेटी का कक्षा चार में एडमीशन हुआ है। फीस रसीद देखकर उन्हें अंदर जाने दिया गया। कार्यालय में महिला ने 15 और 12 हजार की डीडी और फीस रसीद दिखाई।
कार्यालय में बैठे कर्मचारी हैरत में रह गए। फीस रसीद नकली थी। प्रिंसिपल सिस्टर ज्योति को बताया गया। जांच की गई तो पता कि जालसाज ने स्कूल के नाम से ही फर्जी खाता भी खोला है, वहीं डीडी को भुनाया गया। महिला ने बताया कि वह कुछ दिन पहले एडमीशन के लिए प्रयासरत थी। कॉलेज गेट पर एक व्यक्ति ने खुद को टीचर बताते हुए अपना नाम थामस बताया।
कहा कि वह एडमीशन करा देगा। इसके बाद महिला ने थामस को पैसे दे दिए। उन्हें फीस रसीद देकर थामस ने कहा कि 26 अगस्त से उनकी बेटी स्कूल जा सकती है। इस पूरे फ्राड पर स्कूल की प्रिंसिपल ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी।
बताया कि जालसाज ने उनके स्कूल के नाम पर कोई फर्जी खाता खोला है जहां उसने डीडी को कैश किया है। हो सकता है कि उसने और भी कई अभिभावकों के साथ धोखाधड़ी की हो। सिविल लाइंस में थामस के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव ने बताया कि जालसाज के दो मोबाइल नंबरों का पता चला है। कॉल डीटेल्स निकलवाई जा रही है।