चार प्रमुख सचिवों को अवमानना का नोटिस
पीड़ित भगवान दास की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी सुनवाई कर रहे हैं। याचिका के अनुसार रेलवे में लोको पायलट भगवान दास के बेटे दीपक को पुलिस लूट के एक मामले में घर से उठा ले गई थी। घटना वर्ष 2012 की है। हिरासत में ही दीपक की मौत हो गई। इस मामले में तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के बाद चार्जशीट भी दाखिल हो गई।
मगर शासन की ओर से पुलिसकर्मियों पर मुकदमा चलाने की अभियोजन स्वीकृति नहीं मिली। भगवान दास ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने सितंबर 2012 को निर्देश दिया कि छह माह के भीतर इस मामले में अभियोजन स्वीकृति ले ली जाए। इसके बाद भी आज तक अभियोजन की स्वीकृति नहीं ली गई। याची का कहना था कि प्रकरण में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है मगर अभियोजन की स्वीकृति प्राप्त नहीं होने से मुकदमा नहीं चल पा रहा है। हाईकोर्ट ने 25 जुलाई तक सभी अधिकारियों को कारण स्पष्ट करने को कहा है कि क्यों उन्होंने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया।