Prayagraj : महाकुंभ मेला की फर्जी वेबसाइट बनाकर टेंट व होटल की बुकिंग करने वाले चार शातिर गिरफ्तार
फर्जी वेबसाइट बनाकर प्रयागराज शहर के बड़े होटलों की फोटो लगाकर बुकिंग के नाम पर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तर कर लिया है। इनके पास से तीन लैपटॉप सहित अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
विस्तार
महाकुंंभ में फर्जी वेबसाइट से टेंट, कॉटेज और होटल बुकिंग के नाम पर ठगी में साइबर थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड पंकज (35) बिहार के नालंदा स्थित प्राइमरी विद्यालय में शिक्षक था। लेकिन, विद्यालय नहीं जाने पर इसे बर्खास्त कर दिया गया था। इसकी पत्नी भी शिक्षक है। पंकज अपने तीन साथियों संग मिलकर पर्यटकों को ठगी का शिकार बनाता था। जांच में नौ फर्जी वेबसाइटों की पहचान की गई है। इनके पास बीएससी, बीकॉम, बीए और वेबसाइट डिप्लोमा समेत अन्य डिग्रियां हैं।
डीसीपी अभिषेक भारती ने बताया कि शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने 18 नवंबर 2024 को केस दर्जकर आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रभारी राजीव तिवारी के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। शुक्रवार को टीम ने चारों को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तीन लैपटॉप, छह मोबाइल और छह एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। साथ ही इन्हें जेल भेज दिया गया। डीसीपी ने बताया कि मामले में कई और की संलिप्ता मिली है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
अब तक 35 लाख रुपये से अधिक की ठगी
साइबर थाना प्रभारी राजीव तिवारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वह महाकुुंभ से मिलते-जुलते नामों से फर्जी वेबसाइट बनाते हैं। इसके माध्यम से कम पैसों में लग्जरी रूम, वीआईपी स्नान व दर्शन कराने का लालच देकर एडवांस के तौर पर उनसे रकम लेते थे। अब तक 100 से अधिक लोगों को 35 से 36 लाख रुपये की चपत लगा चुके हैं। वहीं, पुलिस ठगी के 20 हजार रुपये होल्ड करा चुकी है।
चारों आरोपियों में किसकी क्या भूमिका
1-नालंदा जिले के चोरसुआ गांव निवासी पंकज शिक्षक था। यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ठगी संबंधी कई वीडियो देखकर ठगने की योजना बनाता था। उसके बाद अन्य आरोपियों के संपर्क में आकर ठगी से मिलने वाले पैसों को निकलवाने का काम करता था।
2-वाराणसी के थाना चौबेपुर गांव मुरीदपुर निवासी यश चौबे (20) बीकॉम किए है। वाराणसी स्थित एक सॉफ्टवेयर कंपनी में वेबसाइट बनाने का काम करता है। आरोपी पंकज से संपर्क में आने के बाद महाकुंभ से संबंधित वेबसाइट के नामों को तलाशने के साथ ही डोमेन खरीदने का काम करता था। इसके लिए उसे मोटा कमीशन मिलता था।
3-वाराणसी के चौबेपुर थाने के कादीपुर छीतमपुर गांव निवासी अंकित गुप्ता (24) भी बीकॉम किए है। वाराणसी स्थित एक सॉफ्टवेयर कंपनी में वेबसाइट बनाने का काम करता है। इसका मुख्य काम फर्जी वेबसाइट तैयार करने के बाद महाकुंभ संबंधी पेज डिजाइन करना था। ताकि, किसी को ये न पता चले कि वेबसाइट फर्जी है।
4-आजमगढ़ के बर्दा थाने के गांव ठेकमा खुर्द लसड़ा निवासी अमन (29) ने बीए संग वेबसाइट डिप्लाेमा किए है। यह भी वाराणसी स्थित एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है। इसका मुख्य कार्य फर्जी वेबसाइट का प्रचार-प्रसार करना है। साथ ही ग्राहकों को बुकिंग आईडी व बिल देने का कार्य करता था।
इन नौ वेबसाइटों से होती थी बुकिंग के नाम पर ठगी
1- www.kumbhcottagebooking.com
2- reservation@kumbhcottagebooking.com
3- https://mahakumbhcottagesreservation.org/
4- https://jainmandiranddharamshala.in/
5-https://kumbdarshan.com/
6- https://mahakumbhfestival.com/
7- www.mahakumbhcottagebooking.org
8- www.mahakumbhtentbooking.org
9- www.mahakumbhtentreservation.com
अबतक 54 वेबसाइट को बंद करने का दावा
नवंबर माह में महाकुंभ में टेंट बुकिंग के नाम पर kumbhcottagebooking.com, kumbhcottagebooking.com, kumbhcottagebooking.com आदि वेबसाइट से ठगी की शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। वहीं, अब साइबर पुलिस का दावा है कि फर्जी वेबसाइट से चल रहे ठगी के खेल को बंद कर दिया गया है। अब तक लगभग 54 वेबसाइट बंद की गई हैं।
आप इस तरह पहचानें फर्जी वेबसाइट
-यूआरएल की अच्छी तरह से जांच कर लें
-वेबसाइट का यूआरएल "https://" से शुरू हो रहा हो, लॉक आइकन हो।
-केवल सरकारी या प्रमाणित एजेंसियों से ही बुकिंग करें।
- वेबसाइट या व्हाट्सएप से मिले एपीके फाइल को डाउनलोड न करें।