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चार घंटे झड़प के बाद शवों को ले गए घाट

Wed, 26 Apr 2017 01:51 AM IST
Updated Wed, 26 Apr 2017 01:51 AM IST
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Four hours after the clash, dead bodies were taken
CRIME
सहावपुर गांव में बेरहमी से मारे गए मक्खनलाल गुप्ता, उनकी पत्नी और दोनों बेटियों के शवों को मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस से घर या घाट ले जाने के मसले पर चार घंटे तक पुलिस और परिजनों के बीच झड़प होती रही। परिजन शवों को घर ले जाने पर अडे़ थे। साथ ही उन्होंने नौकरी, सुरक्षा, सरकारी मदद, मकान और शस्त्र लाइसेंस की मांग रख दी। बमुश्किल स्थानीय नेताओं के जरिए पुलिस अफसरों ने मनाया तो रसूलाबाद घाट ले जाकर शवों की अंत्येष्टि की गई।
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दंपति और दोनों बेटियों के शवों को सोमवार शाम पोस्टमार्टम के बाद मोर्चरी में ही बर्फ की सिल्लियों के बीच रखा गया था। इंतजार था शिमला में नौकरी करने वाली बेटी रंजना उर्फ बबीता का। वह आधी रात शहर पहुंची। सुबह बेटे रंजीत, बेटी रंजना समेत परिजन और तमाम रिश्तेदार और स्थानीय लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। वहां पहले से पुलिस बल मुस्तैद था। आशंका के मुताबिक परिवार के लोगों ने कहा कि वे शवों को पहले गांव ले जाएंगे फिर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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परिजनों की इस जिद की जानकारी पाकर एसपी क्राइम, एसपी सिटी, एसपी गंगापार, एडीएम प्रशासन, सीओ सोरांव, सीओ प्रथम कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। फाफामऊ के भाजपा विधायक विक्रमाजीत मौर्या, प्रतापगढ़ सदर के विधायक संगमलाल गुप्ता और पूर्व विधायक हरिओम साहू भी आ गए। परिजनों ने मांग रखी कि मक्कनलाल के बेटे और बेटी को पुलिस सुरक्षा, पिस्टल और राइफल का शस्त्र लाइसेंस, 50 लाख रुपये मुआवजा, नौकरी और मकान दिया जाए। करीब एक बजे तक पुलिस-प्रशासन और परिजनों के बीच बहस और झड़प के बाद सहमति बनी कि बेटे रंजीत को किसान बीमा योजना के तहत सरकारी मदद, गांव से हटकर आवास का इंतजाम किया जाएगा। शस्त्र लाइसेंस जल्द निर्गत किए जाएंगे। डीएम के आदेश पर रंजीत और बबीता की सुरक्षा में सरकारी गनर तैनात कर दिए गए। तब जाकर करीब सवा बजे चारों शवों को पुलिस के पहरे में मोर्चरी से रसूलाबाद घाट ले जाया गया। रंजीत ने माता-पिता और बहनों की चिता को मुखाग्नि दी।
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दो बेटियों समेत दंपति की बेरहमी से हत्या की वारदात ने हर किसी को झकझोर दिया है। सभी चाहते हैं कि परिवार को न्याय और दोषियों को सजा मिले। प्रदेश के स्टाम्प न्यायालय शुल्क और नागरिक उड्डन मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने घटना पर दुख जताते हुए अपने प्रतिनिधि लल्लूलाल गुप्ता सौरभ को दंपति के बेटे रंजीत और बेटी रंजना के पास भेजकर अपनी संवेदना व्यक्त की। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र केसरवानी, प्रमिल केसरवानी, बसंतलाल आजाद, श्यामबाबू अग्रहरि, मुरारीलाल अग्रवाल आदि कहा कि 48 घंटे में पुलिस ने घटना का पूरी तरह खुलासा नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साहू एकता मंच के चंद्रिका प्रसाद साहू, मक्खनलाल साहू, अजय कुमार साहू, शंकरलाल साहू, नरेंद्र कुमार साहू समेत अन्य पदाधिकारियों की तरफ से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बेटे को नौकरी, बेटे-बेटी को सुरक्षा, शस्त्र लाइसेंस, 100 नंबर के दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की है।
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