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एक इलाके में रहकर 19 वर्षों बाद मिला जिगर का टुकड़ा
Fri, 01 May 2020 02:04 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 01 May 2020 02:04 AM IST
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- फोटो : prayagraj
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प्रयागराज। सुनने में अटपटा लगता है लेकिन यह सच है। मां-बाप से बिछड़ा बेटा उसी इलाके में एक दूसरे घर में पलता बढ़ता रहा। एक दो नहीं पूरे 19 वर्ष तक और किसी को भनक नहीं लगी। लेकिन, किस्मत ने फिर एक खेल खेला और 19 वर्ष से जिगर के टुकड़े की आस में तड़प रहे मां-बाप के पास फिर उनका बेटा पहुंच गया। कर्नलगंज थाना क्षेत्र का यह मामला बृहस्पतिवार को दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।
चैथम लाइन में रहने वाले अवधेश मिश्रा का 6 वर्ष का बेटा आकाश 2001 में लापता हो गया था। बहुत ढूंढने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद घर वालों ने कर्नलगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने कई दिनों तक हाथ.पांव मारे लेकिन बच्चे का कुछ पता नहीं चला। मां-बाप भी थाने का चक्कर लगाकर थक गए और फिर उन्होंने बेटे के मिलने की आस भी छोड़ दी। लेकिन, इसी वर्ष मार्च में दोनों की आंखें तब फटी रह गईं, जब 19 वर्ष बाद बेटा फिर से उनके सामने आ खड़ा हुआ। मां बाप के पूछने पर उसने बताया कि गायब होने के बाद से वह कटरा में रहने वाले विनोद गुप्ता के घर रहा जिन्होंने उसे बेटे की तरह रखा।
उधर, जिस विनोद के घर में आकाश रह रहा था, उन्होंने उसके अचानक गायब होने पर 30 मार्च को कर्नलगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने कुछ ही दिन में आकाश को ढूंढ निकाला। बृहस्पतिवार को पुलिस उसे लेकर थाने आई तो अवधेश और विनोद दोनों ही उसे अपना बेटा बताने लगे। विनोद का कहना था कि उसने आकाश को एक अनाथालय से गोद लिया। लेकिन, पुलिस के मांगने पर वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। निस्तारण के लिए पुलिस मजिस्ट्रेट के पास भी गई लेकिन उन्होंने मुकदमा न होने की वजह से कोई भी फैसला देने में असमर्थता जता दी।
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इसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने अपने स्तर से मामले का निस्तारण किया। पूछताछ में युवक ने भी अपने मूल पिता के घर जाकर उनके साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद उसे वहां भेज दिया गया। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्यागी ने बताया कि अवधेश डीएनए टेस्ट कराने के लिए भी तैयार है। फिलहाल युवक बालिग है और उसकी इच्छा के मुताबिक उसे उसके माता-पिता के घर भेज दिया गया है।
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चैथम लाइन में रहने वाले अवधेश मिश्रा का 6 वर्ष का बेटा आकाश 2001 में लापता हो गया था। बहुत ढूंढने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद घर वालों ने कर्नलगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने कई दिनों तक हाथ.पांव मारे लेकिन बच्चे का कुछ पता नहीं चला। मां-बाप भी थाने का चक्कर लगाकर थक गए और फिर उन्होंने बेटे के मिलने की आस भी छोड़ दी। लेकिन, इसी वर्ष मार्च में दोनों की आंखें तब फटी रह गईं, जब 19 वर्ष बाद बेटा फिर से उनके सामने आ खड़ा हुआ। मां बाप के पूछने पर उसने बताया कि गायब होने के बाद से वह कटरा में रहने वाले विनोद गुप्ता के घर रहा जिन्होंने उसे बेटे की तरह रखा।
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उधर, जिस विनोद के घर में आकाश रह रहा था, उन्होंने उसके अचानक गायब होने पर 30 मार्च को कर्नलगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने कुछ ही दिन में आकाश को ढूंढ निकाला। बृहस्पतिवार को पुलिस उसे लेकर थाने आई तो अवधेश और विनोद दोनों ही उसे अपना बेटा बताने लगे। विनोद का कहना था कि उसने आकाश को एक अनाथालय से गोद लिया। लेकिन, पुलिस के मांगने पर वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। निस्तारण के लिए पुलिस मजिस्ट्रेट के पास भी गई लेकिन उन्होंने मुकदमा न होने की वजह से कोई भी फैसला देने में असमर्थता जता दी।
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इसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने अपने स्तर से मामले का निस्तारण किया। पूछताछ में युवक ने भी अपने मूल पिता के घर जाकर उनके साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद उसे वहां भेज दिया गया। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्यागी ने बताया कि अवधेश डीएनए टेस्ट कराने के लिए भी तैयार है। फिलहाल युवक बालिग है और उसकी इच्छा के मुताबिक उसे उसके माता-पिता के घर भेज दिया गया है।