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दुष्कर्म के आरोपी पूर्व विधायक की जमानत निरस्त

Tue, 26 Mar 2019 12:16 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 26 Mar 2019 12:16 AM IST
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Former MLA's bail plea dismissed for rape
rape

हाईकोर्ट ने सपा के पूर्व बसपा विधायक योगेंद्र सागर की जमानत निरस्त कर दी है। योगेंद्र पर बदायूं में बीए की एक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है। निचली अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली थी। इसके खिलाफ पीड़िता के पिता ने हाईकोर्ट में जमानत निरस्तीकरण के लिए अर्जी दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने अर्जी स्वीकार करते हुए पूर्व विधायक को एक अप्रैल तक निचली अदालत में सरेंडर करने का आदेश दिया है।

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पीड़िता के पिता की अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा है कि यदि आरोपी विधायक सरेंडर नहीं करते हैं तो उनको गिरफ्तार कर विचारण न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। मामले के अनुसार पीड़िता बीए की छात्रा थी। वह 23 अप्रैल 2008 को समाजशास्त्र विषय की परीक्षा देने गई थी। उसी समय में उसका कार में अपहरण कर लिया गया। रास्ते मेें उसे नशीला पदार्थ खिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। अपहरण में विधायक का साथी नीरज शर्मा भी शामिल था।
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पुलिस पर काफी दबाव पड़ने के बाद पीड़ित लड़की 17 मई 2008 को मुजफ्फनगर रेलवे स्टेशन से बरामद की गई।
पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जिसे पीड़िता के पिता की आपत्ति पर कोर्ट ने रद्द कर दिया और मामले की सुनवाई प्रारंभ कर दी। कोर्ट ने दो बार गैरजमानती वारंट और कुर्की का वारंट जारी होने के  बावजूद विधायक ने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया। जब हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए प्रमुख सचिव को तलब कर लिया तो तक जाकर योगेंद्र सागर ने तीन जून 2014 को सरेंडर किया। मगर जल्दी ही उसे जमानत मिल गई। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी दी गई।
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कोर्ट ने जमानत निरस्त करते हुए कहा कि आरोपी के राजनैतिक प्रभाव के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। शीर्ष अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद उसे सरेंडर कराया गया। कुछ दिनों में ही रिटायर होने वाले न्यायिक अधिकारी ने उसे जमानत दे दी। आरोपी ने पीड़ित परिवार को परेशान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जमानत के प्रावधानों का दुरुपयोग किया है तथा पांच साल से ट्रायल पूरा नहीं हो पाया है। इसलिए जमानत निरस्त करने का पर्याप्त आधार है।

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