{"_id":"5cc36a12bdec22078e0a9efe","slug":"former-minister-azam-khan-arrived-at-the-retired-professor-s-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"संवेदना जताने रिटायर्ड प्रोफेसर के घर पहुंचे पूर्व मंत्री आजम खान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संवेदना जताने रिटायर्ड प्रोफेसर के घर पहुंचे पूर्व मंत्री आजम खान
Sat, 27 Apr 2019 01:59 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 27 Apr 2019 01:59 AM IST
विज्ञापन
azam khan
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा के दिग्गज नेता एवं पूर्व कबीना मंत्री आजम खान शुक्रवार को नैनी में थे। वह क्षेत्र के महेवा स्थित शुआट्स डीम्ड युनिर्वसिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर डा. कलीम के घर संवेदना जताने पहुंचे थे। दोपहर में करीब दो बजे महेवा स्थित प्रोफेसर कलीम के आवास पर पहुंचे आजम खान के साथ पूर्व अपर महाधिवक्ता कमरुल हसन, मो. फरहान, शहर दक्षिणी से चुनाव लड़ चुकी एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ऋृचा सिंह, पूर्व मंत्री सरफराज खान सहारनपुर, रमेश वैश्य समेत सैकड़ो लोग रिटायर्ड प्रोफेसर डा. कलीम के यहां पहुंचे थे।
इस दौरान कबीना मंत्री ने प्रोफेसर की पत्नी एवं दोनों बेटों अनस व मो. यूनुस से मुलाकात की। उन्हें इस दुख की घड़ी में हिम्मत से काम लेने के लिए प्रोत्साहित किया और हर समय उनकी मदद में खड़े रहने का भरोसा जताया। उसके बाद आजम खान डा. कलीम के कब्र तक गए। वहां पर लोगों ने फातिहा पढ़ा और संवेदना व्यक्त करके वापस चले गए। इस दौरान वह राजनैतिक चर्चा एवं सवाल जवाब से दूर रहे। उनका कहना था कि यह उनका निजी कार्यक्रम है, इससे राजनीति का कोई लेना देना नहीं है। कुछ देर बाद वह वापस लखनऊ के लिए रवाना हो गए। गौरतलब है कि रिटायर्ड प्रोफेसर डा. कलीम का 21 अप्रैल को लखनऊ के एक हास्पिटल में देहांत हो गया था। वह कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। आजम खान का डा. कलीम से करीब 20 साल पुराना रिश्ता था।
विज्ञापन
इस दौरान कबीना मंत्री ने प्रोफेसर की पत्नी एवं दोनों बेटों अनस व मो. यूनुस से मुलाकात की। उन्हें इस दुख की घड़ी में हिम्मत से काम लेने के लिए प्रोत्साहित किया और हर समय उनकी मदद में खड़े रहने का भरोसा जताया। उसके बाद आजम खान डा. कलीम के कब्र तक गए। वहां पर लोगों ने फातिहा पढ़ा और संवेदना व्यक्त करके वापस चले गए। इस दौरान वह राजनैतिक चर्चा एवं सवाल जवाब से दूर रहे। उनका कहना था कि यह उनका निजी कार्यक्रम है, इससे राजनीति का कोई लेना देना नहीं है। कुछ देर बाद वह वापस लखनऊ के लिए रवाना हो गए। गौरतलब है कि रिटायर्ड प्रोफेसर डा. कलीम का 21 अप्रैल को लखनऊ के एक हास्पिटल में देहांत हो गया था। वह कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। आजम खान का डा. कलीम से करीब 20 साल पुराना रिश्ता था।
विज्ञापन