एसएससी परीक्षा में फर्जीवाड़ा : मुन्नाभाई समेत तीन गिरफ्तार, बायोमीट्रिक हाजिरी के दौरान आया शिकंजे में
एसएससी की ओर से एक जुलाई को कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल भर्ती के स्किल टेस्ट का आयोजन किया गया था। इसके लिए धूमनगंज के सुलेमसराय स्थित मधु वाचस्पति इंटर कॉलेज को भी केंद्र बनाया गया था।
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धूमनगंज में एसएससी की परीक्षा में फर्जीवाड़ा करते मुन्नाभाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो मूल अभ्यर्थी हैं जिन्होंने पूर्व में हुई प्रथम चरण की परीक्षा के दौरान अपनी जगह किसी अन्य को बैठाया था। बायोमीट्रिक अटेंडेंस के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एसएससी की ओर से एक जुलाई को कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल भर्ती के स्किल टेस्ट का आयोजन किया गया था। इसके लिए धूमनगंज के सुलेमसराय स्थित मधु वाचस्पति इंटर कॉलेज को भी केंद्र बनाया गया था। केंद्राध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि बायोमीट्रिक अटेंडेंस के दौरान तीन परीक्षार्थियों के अंगूठे के निशान का मिलान पूर्व में लिखित परीक्षा के दौरान लिए गए निशान से नहीं हुआ।
विकास कुमार सिंह की जगह संजीव कुमार परीक्षा देते पकड़ा गया। जबकि दो अन्य अभ्यर्थी विजय पटेल और राघवेंद्र सिंह के बारे में पता चला कि दोनों की जगह पूर्व में लिखित परीक्षा में किसी दूसरे ने परीक्षा दी थी। इस पर तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो तीनों ने फर्जीवाड़ा स्वीकार कर लिया। जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। धूमनगंज थाना प्रभारी राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि कोर्ट की अनुमति से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
20 हजार में हुआ था सौदा
विकास की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया संजीव कुमार तिसिऔता, जनपद वैशाली, बिहार का रहने वाला है। उसने बताया कि विकास ने उसे 20 हजार रुपये देने का वादा करके टाइपिंग परीक्षा में शामिल होने के लिए कहा था। इसमें से पांच हजार रुपये उसे मिल चुके थे जबकि शेष परीक्षा बाद मिलने थे। उधर विजय निवासी गोहरी फाफामऊ व राघवेंद्र निवासी बलापुर कोरांव ने यह तो स्वीकार किया कि उनकी जगह पर लिखित परीक्षा में दूसरे युवक बैठे थे। लेकिन वह उनका नाम नहीं बता सके। उनका कहना था कि कोचिंग में मिले एक व्यक्ति ने उनसे परीक्षा के जगह किसी अन्य व्यक्ति को बैठाने की बात तय की थी। परीक्षा बाद इसके लिए 60-60 हजार रुपये दोनों को देने थे।