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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Foreign devotees are drawn towards Sanatan in search of peace, took initiation from Sanatan's Guru.

Mahakumbh : वास्तुविद, डॉक्टर और आईटी डेवलपर ने गुरु दीक्षा लेकर अपनाया सनातन धर्म

Wed, 05 Feb 2025 07:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 05 Feb 2025 07:16 PM IST
सार

कुंभ नगर के सेक्टर 17 में स्थिति शक्तिधाम आश्रम वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच विधिवत्त विधि विधान से 61 विदेशी श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी से दीक्षा ली और सनातन को अंगीकार किया। विदेशी श्रद्धालु जहां ओम नमः शिवाय की धुन पर नाचते-गाते दिखे वही सनातन में आकर उनके चेहरे पर अद्भुत शांति दिखाई पड़ी। 
 

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Foreign devotees are drawn towards Sanatan in search of peace, took initiation from Sanatan's Guru.
शक्तिधाम शिविर में सनातन धर्म की दीक्षा लेते विदेशी श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

विश्व के अलग-अलग देश में जहां युद्ध और तरह-तरह की प्राकृतिक घटनाओं से अशांति का माहौल बना हुआ है वहीं विदेशी लोगों को शांति का संदेश देता सनातन अपनी ओर खींच रहा है।  तनाव बीमारियों, नशे और किसी प्रिय के खोने के बाद सनातन की राह में ही, उनको शांति मिल रही। 

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इसी क्रम में आज कुंभ नगर के सेक्टर 17 में स्थिति शक्तिधाम आश्रम वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच विधिवत्त विधि विधान से 61 विदेशी श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी से दीक्षा ली और सनातन को अंगीकार किया। विदेशी श्रद्धालु जहां ओम नमः शिवाय की धुन पर नाचते-गाते दिखे वही सनातन में आकर उनके चेहरे पर अद्भुत शांति दिखाई पड़ी। 
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इस अवसर पर जगद्गुरु सांई मां लक्ष्मी देवी ने कहा की हजारों साल पुराना सनातन धर्म अपने हाथ में अद्भुत है, नशे तनाव में डूबे हुए आज के युवाओं को सही रहा सनातन ही दिखा सकता है इसी वजह से लोग सनातन की तरफ आकर्षित हो रहे हैं और उसे अपना रहे। 
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गुरु दीक्षा लेने वाले बेल्जियम में अस्थि रोग चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वाली कैथरीन गिल्डेमिन कहती हैं कि रोजमर्रा के जीवन की भागदौड़ ने उनके जीवन में तनाव को काफी बढ़ा दिया था, व्यक्तिगत जीवन भी ठीक नहीं चल रहा था, इसी दौरान वह जगद्गुरु सांई मां के सानिध्य में आईं जिसके चलते वह सनातन से  रूबरू हुई और उनके जीवन को एक नई दिशा मिली।

Foreign devotees are drawn towards Sanatan in search of peace, took initiation from Sanatan's Guru.
शक्तिधाम शिविर में सनातन धर्म की दीक्षा लेते विदेशी श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

आयरलैंड में विक्री और विपणन के क्षेत्र में काम करने वाले डेविड हैरिंगटन का कहना है सनातन की सरलता ने उन्हें सात समुंदर पार भारत की तरफ खींच लाई, वो कहते सनातन एक ऐसी अकेली जीवन पद्धति है जो आप पर कुछ थोपती नहीं हैं इसकी सहजता और सरलता मुझे शुरू से ही सम्मोहित करती थी। महाकुंभ के अद्भुत और पावन अवसर पर मैंने सनातन को स्वीकार किया है जो मुझे असीम शांति और आनंद का अनुभव करा रहा है।

फ्रांस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम करने वाले ओलिवियर गिउलिरी कहते है कि जीवन में सब कुछ होने के बाद भी एक अधूरापन था, मैं अपने आप को तलाश रही था और वह तलाश सनातन में आकर समाप्त हुई। जगद्गुरु साईं मां के सानिध्य में मेरे जीवन को एक नई दिशा मिली और आज उनसे गुरु दीक्षा लेकर इसको अंगीकार किया है, इसके लिए महाकुंभ से बड़ा अवसर मेरे जीवन में शायद ही कभी आ सकता था मैं गुरु दीक्षा लेकर अभीभूत हूं।

दीक्षा लेने वालों में संयुक्त राज्य अमेरिका में  वास्तुकार मैथ्यू लॉरेंस, कनाडा में चिकित्सक 

आंद्रे अनात, संयुक्त राज्य अमेरिका में ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाले जेनी मिलर, कनाडा में आईटी डेवलपर मैथ्यू सावोई, बेल्जियम में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सलाहकार क्रिस्टेल डी कैट भी शामिल रहे। जगद्गुरु सांई मां लक्ष्मी देवी के सानिध्य में अभी तक शक्ति धाम के शिविर में इस पावन महाकुंभ के दौरान 200 से अधिक विदेशियों ने सनातन की दीक्षा प्राप्त की है।

गौरतलब है कि मॉरीशस के एक ब्राम्हण परिवार में जन्मी जगद्गुरु साई मां हिंदू धर्म के प्रचार प्रसार में पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय हैं। वर्ष 2019 में साई मां से प्रेरित होकर नौ विदेशी मूल के शिष्यों ने संत परंपरा को आत्मसात करते हुए हिंदू धर्म को अंगीकार किया था और उन सभी को महामंडलेश्वर की उपाधि प्राप्त की थी जिनमें तीन महिला संत भी शामिल हैं।  साई मां के भक्तों में दुनिया भर के 12 देशों से अधिक के निवासी हैं जो अब हिंदू धर्म स्वीकार कर चुके हैं। जापान,अमेरिका, इजरायल , फ़्रांस समेत कई अन्य यूरोपीय देशों में इनके भक्तों की भारी संख्या है।

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