कोहरे से निपटने के लिए प्रयागराज में लगा फॉग विजन कैमरा
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कोहरे से निपटने के लिए रेलवे ने एक नया कदम उठाया है। रेल प्रशासन ने अपनी कुछ चुनिंदा ट्रेनों में फॉग विजन कैमरा लगाने की तैयारी की है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन में इसकी शुरूआत वीआईपी ट्रेन प्रयागराज से हुई है। अभी प्रयोग के तौर पर रेलवे ने प्रयागराज के इंजन में फॉग विजन कैमरा लगा दिया है। प्रयोग सफल हुआ तो इसे अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी लगा दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइन एंड स्टेंडर्ड आर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) द्वारा ट्रेनों के इंजन में फॉग विजन कैमरा लगाये जाने का प्रयोग किया जा रहा था। रिपोर्ट पॉजिटिव होने के कारण रेलवे ने इसे प्रयोग के तौर पर ट्रेनों में लगाना शुरू कर दिया। बुधवार की शाम नई दिल्ली गई प्रयागराज एक्सप्रेस के इंजन में फॉग विजन कैमरा लगाया भी गया। जानकारों के मुताबिक कोहरे की स्थिति में फॉग विजन कैमरे की सहायता से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर तक विजन पॉयलटों को क्लीयर दिखेगा। वर्तमान समय में ऑटोमेटिक सिगनल वाले रूट पर चलने वाली ट्रेनों के बीच कम से कम डेढ़ किलोमीटर की दूरी होती है।
इन कैमरों की मदद से इतनी दूरी तक ट्रेनों एवं सिगनलों को आसानी से देखा जा सकेगा और ट्रेनों के आपस में टकराने की गुंजाइश भी कम होगी। बृहस्पतिवार को सर्दन रेलवे के सलेम मंडल के डीआरएम ने ट्वीट कर प्रयागराज एक्सप्रेस में फॉग विजन कैमरा लगा होने की जानकारी दी। उनके ट्वीट करने के बाद रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने भी उसे रीट्वीट कर दिया। रेलमंत्री के ट्वीट करने के बाद हरकत में आये उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने भी प्रयागराज में फॉग विजन कैमरे की जानकारी को रीट्वीट कर दिया। एनसीआर के पीआरओ अमित मालवीय का कहना है कि अभी प्रयोग के तौर पर प्रयागराज में फॉग विजन कैमरा लगाया गया है।