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फ्लाई ओवर में जमीन का पेच
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 01 Feb 2015 11:49 PM IST
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हाईकोर्ट पानी टंकी चौराहा से खुसरोबाग के बीच प्रस्तावित नए फ्लाईओवर के निर्माण में जमीन का पेच फंस गया है। नए और पुराने शहर को जोड़ने के लिए इस महत्वपूर्ण फ्लाईओवर का निर्माण तत्काल शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कमिश्नर को निर्देश दिया है लेकिन पुल के दाहिनी ओर की जमीन किसकी है, यह तय न हो पाने के कारण फ्लाईओवर के निर्माण में अड़चन आ रही है। दो दिन पहले नगर निगम, तहसील और सेतु निगम के अफसरों ने यहां का निरीक्षण भी किया।
सिविल लाइंस, जीटी रोड की ओर से पुराने शहर में जाने के लिए पानी टंकी फ्लाईओवर महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां एक फ्लाईओवर पहले से है लेकिन सिंगल लेन होने के कारण उस पर हर वक्त जाम लगा रहता है। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी और शाम को हाईकोर्ट और कार्यालय छूटने के बाद यहां लंबा जाम लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए यहां नए फ्लाईओवर की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर सेतु निगम ने पुराने फ्लाईओवर के समानांतर ही नए फ्लाईओवर की योजना बनानी शुरू की।
पुराने फ्लाईओवर का निर्माण भी सेतु निगम ने ही कराया है। नए फ्लाईओवर के लिए सेतु निगम के अफसरों ने मौके पर निरीक्षण किया तो जमीन को लेकर पेच फंस गया। दरअसल सेतु निगम पानी टंकी से खुसरोबाग की ओर वर्तमान फ्लाईओवर के दाहिनी ओर खाली पड़ी सर्विस लेन पर फ्लाईओवर का निर्माण करना चाहता है लेकिन यह तय नहीं हो पा रहा है कि जमीन किसकी है। इसके लिए शुक्रवार को नगर निगम के प्रभारी अधिकारी नजूल एसएल यादव, ड्राफ्टमैन अशोक श्रीवास्तव ने नजूल अधीक्षक, आरआई, इंस्पेक्टर, तहसीलदार, एडीएम और सेतु निगम के अफसरों के साथ मौका मुआयना किया। अफसरों के मुताबिक यहां पांच मीटर जमीन सेना अपनी बता रही है। हालांकि निगम के पास मौजूद नक्शे के मुताबिक जमीन सेतु निगम की है लेकिन उसके पास इसका कोई प्रमाण नहीं है। हालांकि कमिश्नर ने अफसरों को दस्तावेजों के आधार पर तत्काल निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
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सिविल लाइंस, जीटी रोड की ओर से पुराने शहर में जाने के लिए पानी टंकी फ्लाईओवर महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां एक फ्लाईओवर पहले से है लेकिन सिंगल लेन होने के कारण उस पर हर वक्त जाम लगा रहता है। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी और शाम को हाईकोर्ट और कार्यालय छूटने के बाद यहां लंबा जाम लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए यहां नए फ्लाईओवर की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर सेतु निगम ने पुराने फ्लाईओवर के समानांतर ही नए फ्लाईओवर की योजना बनानी शुरू की।
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पुराने फ्लाईओवर का निर्माण भी सेतु निगम ने ही कराया है। नए फ्लाईओवर के लिए सेतु निगम के अफसरों ने मौके पर निरीक्षण किया तो जमीन को लेकर पेच फंस गया। दरअसल सेतु निगम पानी टंकी से खुसरोबाग की ओर वर्तमान फ्लाईओवर के दाहिनी ओर खाली पड़ी सर्विस लेन पर फ्लाईओवर का निर्माण करना चाहता है लेकिन यह तय नहीं हो पा रहा है कि जमीन किसकी है। इसके लिए शुक्रवार को नगर निगम के प्रभारी अधिकारी नजूल एसएल यादव, ड्राफ्टमैन अशोक श्रीवास्तव ने नजूल अधीक्षक, आरआई, इंस्पेक्टर, तहसीलदार, एडीएम और सेतु निगम के अफसरों के साथ मौका मुआयना किया। अफसरों के मुताबिक यहां पांच मीटर जमीन सेना अपनी बता रही है। हालांकि निगम के पास मौजूद नक्शे के मुताबिक जमीन सेतु निगम की है लेकिन उसके पास इसका कोई प्रमाण नहीं है। हालांकि कमिश्नर ने अफसरों को दस्तावेजों के आधार पर तत्काल निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
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