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प्रयागराज में बाढ़ : नैनी और झूंसी में बढ़ा गंगा-यमुना जलस्तर, मठ-मंदिरों और घरों में घुसा पानी

Sat, 22 Aug 2026 06:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 22 Aug 2026 06:54 PM IST
सार

गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने शनिवार को झूंसी के तटवर्ती इलाकों को अपने आगोश में ले लिया। झूंसी कोहना और नई झूंसी में गंगा किनारे बने मठ, मंदिर, आश्रम और मकानों के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी दाखिल हो गया है।

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Floods in Prayagraj: Ganga-Yamuna water levels rise in Naini and Jhunsi; water enters monasteries
झूंसी इलाके में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने शनिवार को झूंसी के तटवर्ती इलाकों को अपने आगोश में ले लिया। झूंसी कोहना और नई झूंसी में गंगा किनारे बने मठ, मंदिर, आश्रम और मकानों के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी दाखिल हो गया है। पानी भरने से साधु-संत और वेदपाठी दूसरी मंजिल में शिफ्ट हो गए हैं। लोगों ने भी मकानों की ऊपरी मंजिल में ठौर जमाना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों से गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ प्रभावित परिवारों ने देर शाम तक भूतल को खाली कर दिया। इसके साथ ही झूंसी के कछारी गांवों के खेत की फसलें भी बाढ़ में डूब गई हैं।

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फसलें बर्बाद, ग्रामीणों में भय

गंगा का जलस्तर बढ़ने से हर साल बदरा-सोनौटी, ढोलबजवा, हेतापट्टी और शेरडीह समेत आधा दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। बाढ़ के पानी से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो जल्द ही बदरा-सोनौटी मार्ग भी बाढ़ की जद में आ जाएगा।

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नैनी के जमुना नगर की गली से नहीं निकल सका पानी, मोहल्ले वाले परेशान

नैनी इलाके के यमुना नगर मोहल्ले की गली में अभी भी गंदा पानी भरा हुआ है। बीते चार दिनों से पंप लगाकर यहां से पानी निकाला जा रहा है। लेकिन, गली में करीब दौ सौ मीटर तक पानी नहीं निकल सका है। नगर निगम का लगा पंप शनिवार को नहीं चलने से समस्या जस की तस बनी रही। गली में पानी भरा होने के कारण चालीस से पचास घर प्रभावित है। वहीं, जहां पर पानी निकल गया है। वहां पर कीचड़ और गंदगी ने परेशानी बढ़ा दी है।

बता दे कि जमुना नगर मोहल्ले में हर बरसात में बारिश का पानी इकट्ठा होता है। गली नीचे होने व यहां बिछाई गई अधूरी सीवर लाइन दो दशक पुरानी है। इस कारण बरसात के दिनों में हनुमान नगर, नैनी स्टेशन रोड, झिलमिल कालोनी का पानी यहां इकट्ठा हो जाता है। बीते दिनों हुई बरसात से यहां की पूरी गली जलमग्न हो गई थी। लोगों के विरोध को देखते हुए गली व गली के बाहर पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा था। शुक्रवार को अधिकतर स्थान से पानी निकल गया। लेकिन, यमुना नगर में दौ सौ मीटर तक गली में आधा फिट पानी लगा हुआ है।

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पानी नाली से होकर धीेरे-धीरे निकल रहा है। मोहल्ले वालों ने बताया कि शुक्रवार को गली के अधिकतर स्थान से पानी निकलने के बाद पंप चलाया ही नहीं गया। इस कारण पानी की स्थित वैसी बनी हुई है। यदि तीन से चार घंटे पंप और चलाया जाता तो पूरी गली का पानी निकल जाता। वहीं, जमुना नगर मोहल्ले में जहां पानी निकल गया है। वहां पर गंदगी पांव पसारने लगी है। गलियों में सिल्ट होने से फिसलन बढ़ने के साथ ही बदबू फैल रही है। शनिवार को दवा का छिड़काव किया गया। लेकिन, वह व्यवस्था अपर्याप्त रही। 

ट्रांसपोर्ट नगर में दिन भर नहीं चल सका पंप

नैनी। मिर्जापुर राजमार्ग पर ट्रांसपोर्ट नगर के सामने पंप लगाकर राजमार्ग पर इकट्ठा पानी हटाया जा रहा था। नगर निगम द्वारा यहां पर बड़ा पंप लगाया गया है। शनिवार को पंप का संचालन नहीं हो सका। शिकायत पर निगम कर्मचारियों ने पंप चलाने की बात कही। लेकिन शाम तक पंप चालू नहीं हो सका। राजमार्ग पर इकट्ठा पानी लगभग हट गया है। लेकिन नाला व उसके आस-पास अभी पानी इकट्ठा है। 

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