Prayagraj News: कोरांव में 50 से अधिक गांवों में बाढ़ का प्रकोप, जनजीवन अस्त व्यस्त
बीते 24 घंटे से हो रही झमाझम बारिश से कोरांव विधानसभा के 50 से अधिक गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके कारण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है।
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बीते 24 घंटे से हो रही झमाझम बारिश से कोरांव विधानसभा के 50 से अधिक गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके कारण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। क्षेत्र के लपरी, बेलन, सेवटी तुड़ियारी सहित सभी नदियां उफान पर हैं। नहरों का पानी भी नदियों में जाने से पानी का बेग कई गांवों को प्रभावित किया है। क्षेत्र के कई गांव तथा मजरे जलमग्न हो गए हैं। कोरांव से प्रयागराज जाने वाले सभी मार्ग प्रभावित हैं।
कोरांव से मेजा वाया प्रयागराज मुख्य मार्ग कोरांव के लपरी नदी के पास जवाइन गांव में पानी के बेग से टूट जाने से आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित है। इसी तरह रामपुर कोहडार कोरांव ड्रमंडगंज नेशनल हाईवे मुख्य मार्ग पर कई जगह सड़क पर तेज बहाव हो जाने से आवागमन ठप हो गया है। तहसील क्षेत्र के भलुहा, करबालपुर, उमरी, घेंघशाही, समलीपुर बिसरी, सुहास, चपरो, जमुआ, पथरा सुगधिया, सेमरी जिरौहा, किहुनी, खोंचा सहित पचास से अधिक गांवों में लोगों के घरों में पानी घुस गया। देखते ही देखते कुछ गांवों में तो पानी बने मकानों के ऊपरी सतह तक पहुंच गया। सुहास गांव में पचास से अधिक लोगों के घरों में पानी पूरी तरह घुस गया है।
हरिजन बस्ती पूरी तरह बाढ़ के चपेट आ जाने से घरों में रखा पूरे गृहस्थी के समान डूब गए यहां तक की लोगों के खाने-पीने की भी चीज नहीं बच सके। यही हाल गांव के गेंदालाल पांडे अमर बहादुर कुशवाहा राधेश्याम कुशवाहा शिव बाबू केसरी राम भागवत पांडे सहित कई लोगों के घरों में सर के ऊपर तक पानी हो गया है। सभी सामग्री जल मग्न हो गए हैं।
सीएचसी कोरांव डूबी
नगर पंचायत कोरांव के चारों तरफ पानी ही पानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोराव के सभी कमरों में सुबह भोर में ही पानी भर जाने से अपरा तफरी मच गई। चिकित्सकों के आवास जलमग्न हो गए। यहां तक की डॉक्टरों के सभी चैंबरों में पांच फीट तक पानी भर गया। यही हाल नगर पंचायत के सभी वार्डों का था। नगर वासियों के घरों में पानी घुस गया यहां तक की व्यापारियों की दुकानों में भी पानी भर जाने से कुछ व्यापारियों के सामान भी डूब गए। नगर पंचायत के अध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से निपटा तो नहीं जा सकता किंतु नगर में व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई है राहत कार्य के लिए चारों तरफ जेसीबी लगवा कर पानी निकलवाने का काम किया जा रहा है।
चपरो की आदिवासी बस्ती हुुई जलमग्न
चपरो गांव के आदिवासी बस्ती पूरी तरह जलमग्न हो गई है।लोगों को बाढ़ प्रभावित स्थान से पंचायत भवन पर ले जाया गया है। जहां महिलाओं तथा पुरुषों को अलग-अलग कमरे में रखा गया है। ग्राम प्रधान सुरेश तिवारी की तरफ से सभी को भोजन पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। मौके पर पहुंचे एसडीम कोरांव संदीप तिवारी का कहना है कि जिन गांवों में बाढ़ से लोग प्रभावित हुए हैं उनको दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है। खान-पान की व्यवस्था कराई जा रही है। 30 से 35 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जहां निगरानी रखी जा रही है। 25 से 30 गांव मेजा तहसील के भी बाढ़ की चपेट में है। वहां भी नियंत्रण के लिए टीमें लगाई गई हैं।