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मनमाने रवैये के कारण यूपी में नहीं हो रहा निवेश : हाईकोर्ट
Updated Wed, 16 Mar 2016 01:48 AM IST
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अदालत
- फोटो : file
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मनमानी कार्रवाई कर व्यापारियों का शोषण करने की अधिकारियों की प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इन्हीं कारणों से यूपी में बड़े व्यापारी निवेश नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने फ्लिप कार्ट कंपनी का खाता मनमाने तरीके से सीज करने के निर्णय को रद्द कर दिया है। साथ ही वाणिज्य कर विभाग पर दो लाख रुपये का हर्जाना भी लगाया है। विभाग को निर्देश दिया है कि फ्लिपकार्ट कंपनी द्वारा दिए गए स्थान परिवर्तन के आवेदन पर निर्धारित शुल्क लेकर चार सप्ताह में निर्णय लिया जाए। मामले पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति वीके मिश्र की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
फ्लिपकार्ट इंडिया ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि वाणिज्यकर विभाग नोएडा ने टैक्स का गलत असेसमेंट कर कंपनी के 49 करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं, जबकि कंपनी पर मात्र अप्रैल 2015 से अक्तूबर 2015 तक का 3.3 करोड़ रुपये टैक्स ही बकाया था। कंपनी का पक्ष सुने बिना टैक्स वसूली के नाम उसका खाता सीज कर दिया गया। उसे नियमानुसार कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। कोर्ट ने 27 जनवरी 2016 को वाणिज्यकर विभाग द्वारा जारी नोटिस को रद्द कर दिया है। कंपनी ने व्यवसाय स्थल में परिवर्तन के लिए विभाग को प्रार्थनापत्र दिया था, जिसे निरस्त कर दिया गया। कोर्ट ने इसे गलत मानते हुए आदेश दिया है कि कंपनी से निर्धारित शुल्क जमाकर स्थान परिवर्तन पर चार सप्ताह में निर्णय लिया जाए। कंपनी के जब्त खाते का 49 करोड़ रुपये ब्याज सहित दो सप्ताह में भुगतान करने का निर्देश दिया है।
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फ्लिपकार्ट इंडिया ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि वाणिज्यकर विभाग नोएडा ने टैक्स का गलत असेसमेंट कर कंपनी के 49 करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं, जबकि कंपनी पर मात्र अप्रैल 2015 से अक्तूबर 2015 तक का 3.3 करोड़ रुपये टैक्स ही बकाया था। कंपनी का पक्ष सुने बिना टैक्स वसूली के नाम उसका खाता सीज कर दिया गया। उसे नियमानुसार कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। कोर्ट ने 27 जनवरी 2016 को वाणिज्यकर विभाग द्वारा जारी नोटिस को रद्द कर दिया है। कंपनी ने व्यवसाय स्थल में परिवर्तन के लिए विभाग को प्रार्थनापत्र दिया था, जिसे निरस्त कर दिया गया। कोर्ट ने इसे गलत मानते हुए आदेश दिया है कि कंपनी से निर्धारित शुल्क जमाकर स्थान परिवर्तन पर चार सप्ताह में निर्णय लिया जाए। कंपनी के जब्त खाते का 49 करोड़ रुपये ब्याज सहित दो सप्ताह में भुगतान करने का निर्देश दिया है।
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