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प्रधानी की रंजिश में हुए दोहरे हत्याकांड में पांच को उम्रकैद
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प्रयागराज। नवाबगंज के फतूहपुर गांव में ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश में हुए दोहरे हत्याकांड में अदालत ने पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में चार सगे भाई हैं। जिला न्यायालय ने अभियुक्तगण मो. तारिक, मो. आरिफ, मो. शाकिब, मो. आसिफ और बबलू उर्फ इसरार को उम्रकैद की सजा के अलावा हर एक पर 39 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने मृतक मो. हाशिम और ऊशीर उर्फ बशीर अहमद के परिजनों को जुर्माने की धनराशि से 50-50 हजार रुपये दिए जाने का आदेश दिया है।
यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश तिवारी और एडीजीसी राजकुमार सिंह को सुनकर दिया है। घटना 20 दिसंबर 2011 की नवाबगंज थाने के फतूहपुर गांव की है। वादी रईस अहमद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र मो. हाशिम और ऊशीर अहमद दिन के 11 बजे मजदूरी के लिए घर से निकले थे। दोनों नईम के घर के पास पहुंचे ही थे कि तभी मकसूद अहमद के लड़के मो. तारिक, मो. आरिफ, मो. शाकिब, मो. आसिफ और अनवार अहमद के पुत्र बबलू उर्फ इसरार रायफल व तमंचा लेकर सामने आ गए थे। ललकारते हुए अभियुक्तगण ने कहा था कि प्रधानी चुनाव में कल्लू प्रधान का साथ दिया था, इसलिए तुम लोगों को गोली मार देंगे। यह कहते उन्होंने हुए फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से मो. हाशिम की मौके पर और मो. उशीर अहमद की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए कुल 12 गवाह पेश किया था।
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यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश तिवारी और एडीजीसी राजकुमार सिंह को सुनकर दिया है। घटना 20 दिसंबर 2011 की नवाबगंज थाने के फतूहपुर गांव की है। वादी रईस अहमद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र मो. हाशिम और ऊशीर अहमद दिन के 11 बजे मजदूरी के लिए घर से निकले थे। दोनों नईम के घर के पास पहुंचे ही थे कि तभी मकसूद अहमद के लड़के मो. तारिक, मो. आरिफ, मो. शाकिब, मो. आसिफ और अनवार अहमद के पुत्र बबलू उर्फ इसरार रायफल व तमंचा लेकर सामने आ गए थे। ललकारते हुए अभियुक्तगण ने कहा था कि प्रधानी चुनाव में कल्लू प्रधान का साथ दिया था, इसलिए तुम लोगों को गोली मार देंगे। यह कहते उन्होंने हुए फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से मो. हाशिम की मौके पर और मो. उशीर अहमद की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए कुल 12 गवाह पेश किया था।
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