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पहले हत्या की, फिर दो दिन बाद पहुंचकर फूंक दी लाश
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First murder, then two days later, the corpse burst
लखनऊ (अमेठी) के लिए खास
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पहले हत्या की, फिर दो दिन बाद पहुंचकर फूंक दी लाश
0 मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रेलवे के प्वाइंट मैन की हत्या का खुलासा
0 शंकरगढ़ में पुरानी खदान से पुलिस ने बरामद किया कंकाल, आरोपी भेजे गए जेल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज/शंकरगढ़। शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन में तैनात प्वाइंट मैन अमित शुक्ला की हत्या प्रेमिका के भाई अर्जुन एवं पति ज्ञानेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। बुधवार दोपहर में पकड़े जाने के बाद मुख्य आरोपी अर्जुन ने पुलिस को बताया कि अमित को मारकर शव खदान में पत्थरों के नीचे छिपा दिया था, लेकिन जब पकड़े जाने का अंदेशा हुआ तब दो दिन बाद फिर वहां पहुंचकर शव निकाला और पेट्रोल छिड़ककर उसको फूंक दिया। कंकाल को वहीं छिपा दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार को अमित का चार माह पुराना कंकाल भी बरामद कर लिया।
अमेठी निवासी अमित शुक्ला शंकरगढ़ में अकेले रहकर रेलवे की नौकरी करता था। 13 अप्रैल को अचानक वह लापता हो गया। आखिरी बार उसने अपने एक सहयोगी कर्मचारी से बाइक मांगकर बारा पावर प्लांट जाने की बात कही थी। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। उसके लापता होने पर अमित की मां राजकुमारी ने हत्या का आरोप लगाते हुए आधा दर्जन लोगों के खिलाफ शंकरगढ़ थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। शुरुआती जांच-पड़ताल में मामला प्रेम-प्रसंग का ही सामने आया, लेकिन शव न मिलने से कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका।
उधर, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी, लेकिन सभी फरार थे। कई दिनों की तलाश के बाद आखिरकार पुलिस के हाथ मुख्य आरोपी अर्जुन उर्फ राजू पुत्र पन्नालाल निवासी चाकघाट आ गया। अर्जुन अमित की प्रेमिका का भाई था। पूछताछ के दौरान उसने अमित की हत्या की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही के बाद पुलिस ने अमित का कंकाल शंकरगढ़ में ही एक पुरानी खदान से बरामद किया। लिखापढ़ी के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
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पूछताछ के दौरान आरोपी अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसके जीजा ज्ञानेंद्र एवं दीदी ने शंकरगढ़ के स्वामी मार्केट में ब्यूटी पार्लर खोला था। यहीं पर ज्ञानेंद्र की अमित से दोस्ती हो गई। अमित रोजाना ब्यूटी पार्लर आने लगा। दोनों के बीच दिन भर व्हाट्सएप पर चैटिंग होती रहती थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध बन गए। जब इसका पता उसके पति ज्ञानेंद्र को चला तब उसने एतराज जताया, लेकिन अमित पैसे खर्च करता था और उसकी बहन अमित को छोड़ने को राजी नहीं थी। बहन के न मानने पर उन लोगों ने अमित को मार डालने का प्लान बनाया। योजना के मुताबिक अमित को घर पर बुलाया गया। अमित के पहुंचने पर उसने ज्ञानेंद्र और धर्मवीर के साथ मिलकर उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद धर्मवीर ने उसे नशीला इंजेक्शन लगा दिया। अमित के बेहोश हो जाने पर वे लोग उसे मोटर साइकिल में लादकर उसे खदान के भीतर ले गए। यहां पत्थर से कूंचकर उसकी हत्या कर दी और पत्थर के नीचे ही लाश दबाकर वहां से भाग गए। उनको जब पकड़ जाने का अंदेशा हुआ तब ये लोग दो दिन बाद फिर वहां पहुंचे और पेट्रोल डालकर उसे फूंक दिया। लाश के जलने के बाद उसका कंकाल पत्थर के नीचे दबा दिया। आरोपी को लेकर पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी निशानदेही पर खदान में पत्थर के नीचे दबे कंकाल को बरामद किया। पुलिस ने बरामद हड्डी एवं बाल को जांच के लिए भेजवा दिया है।
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पहले हत्या की, फिर दो दिन बाद पहुंचकर फूंक दी लाश
0 मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रेलवे के प्वाइंट मैन की हत्या का खुलासा
0 शंकरगढ़ में पुरानी खदान से पुलिस ने बरामद किया कंकाल, आरोपी भेजे गए जेल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज/शंकरगढ़। शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन में तैनात प्वाइंट मैन अमित शुक्ला की हत्या प्रेमिका के भाई अर्जुन एवं पति ज्ञानेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। बुधवार दोपहर में पकड़े जाने के बाद मुख्य आरोपी अर्जुन ने पुलिस को बताया कि अमित को मारकर शव खदान में पत्थरों के नीचे छिपा दिया था, लेकिन जब पकड़े जाने का अंदेशा हुआ तब दो दिन बाद फिर वहां पहुंचकर शव निकाला और पेट्रोल छिड़ककर उसको फूंक दिया। कंकाल को वहीं छिपा दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार को अमित का चार माह पुराना कंकाल भी बरामद कर लिया।
अमेठी निवासी अमित शुक्ला शंकरगढ़ में अकेले रहकर रेलवे की नौकरी करता था। 13 अप्रैल को अचानक वह लापता हो गया। आखिरी बार उसने अपने एक सहयोगी कर्मचारी से बाइक मांगकर बारा पावर प्लांट जाने की बात कही थी। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। उसके लापता होने पर अमित की मां राजकुमारी ने हत्या का आरोप लगाते हुए आधा दर्जन लोगों के खिलाफ शंकरगढ़ थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। शुरुआती जांच-पड़ताल में मामला प्रेम-प्रसंग का ही सामने आया, लेकिन शव न मिलने से कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका।
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उधर, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी, लेकिन सभी फरार थे। कई दिनों की तलाश के बाद आखिरकार पुलिस के हाथ मुख्य आरोपी अर्जुन उर्फ राजू पुत्र पन्नालाल निवासी चाकघाट आ गया। अर्जुन अमित की प्रेमिका का भाई था। पूछताछ के दौरान उसने अमित की हत्या की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही के बाद पुलिस ने अमित का कंकाल शंकरगढ़ में ही एक पुरानी खदान से बरामद किया। लिखापढ़ी के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
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पूछताछ के दौरान आरोपी अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसके जीजा ज्ञानेंद्र एवं दीदी ने शंकरगढ़ के स्वामी मार्केट में ब्यूटी पार्लर खोला था। यहीं पर ज्ञानेंद्र की अमित से दोस्ती हो गई। अमित रोजाना ब्यूटी पार्लर आने लगा। दोनों के बीच दिन भर व्हाट्सएप पर चैटिंग होती रहती थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध बन गए। जब इसका पता उसके पति ज्ञानेंद्र को चला तब उसने एतराज जताया, लेकिन अमित पैसे खर्च करता था और उसकी बहन अमित को छोड़ने को राजी नहीं थी। बहन के न मानने पर उन लोगों ने अमित को मार डालने का प्लान बनाया। योजना के मुताबिक अमित को घर पर बुलाया गया। अमित के पहुंचने पर उसने ज्ञानेंद्र और धर्मवीर के साथ मिलकर उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद धर्मवीर ने उसे नशीला इंजेक्शन लगा दिया। अमित के बेहोश हो जाने पर वे लोग उसे मोटर साइकिल में लादकर उसे खदान के भीतर ले गए। यहां पत्थर से कूंचकर उसकी हत्या कर दी और पत्थर के नीचे ही लाश दबाकर वहां से भाग गए। उनको जब पकड़ जाने का अंदेशा हुआ तब ये लोग दो दिन बाद फिर वहां पहुंचे और पेट्रोल डालकर उसे फूंक दिया। लाश के जलने के बाद उसका कंकाल पत्थर के नीचे दबा दिया। आरोपी को लेकर पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी निशानदेही पर खदान में पत्थर के नीचे दबे कंकाल को बरामद किया। पुलिस ने बरामद हड्डी एवं बाल को जांच के लिए भेजवा दिया है।
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