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Prayagraj News: दुकान में तोड़फोड़ और शराब नष्ट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज
Sat, 26 Sep 2026 02:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 26 Sep 2026 02:28 AM IST
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अखरी शाहपुर में देसी शराब की दुकान में तोड़फोड़ करने, 40 पेटी शराब को दुकान से बाहर फेंकने और सेल्समैन की पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार को 25 नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि हंगामा काट रही महिलाओं को रोकने का प्रयास किया गया तो पुलिस से भी महिलाओं ने अभद्रता किया।
बृहस्पतिवार को अखरी शाहपुर की महिलाओं ने बस्ती में स्थापित देसी शराब की दुकान को हटाए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया था। दुकान में तोड़फोड़ के साथ शराब को बाहर फेंक दिया था। महिलाओं का कहना था कि देसी शराब की दुकान बस्ती में होने की वजह से पढ़ने लिखने वाले युवक भी शराब के लती होते जा रहे हैं। इसे बस्ती से हटाकर दूर कहीं स्थापित कराया जाए। मेजा थाने के कोतवाल धनंजय पांडेय ने बताया कि दुकान के प्रोप्राइटर केशवदास निवासी दुमदुमा हंडिया की तहरीर पर रेलवे कर्मचारी कुशल बिंद, मुकेश बिंद, विक्रमा बिंद, वीरेंद्र बिंद, कौशलेश बिंद, ऋषिराज, विवेक, ननकऊ, पप्पू, आराध्या बिंद, कविता बिंद, राधिका, मालती देवी, श्री देवी, अनारकली, कंचन, अनामिका देवी, राधिका, सुनीता, अनुष्का, अनीता, पूनम, अंजू देवी, जगवंती, सुधा सहित सैकड़ों अज्ञात पुरुष-महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
दो साल से बस्ती से शराब की दुकान हटाने का विरोध कर रही हैं महिलाएं
कस्बे की महिलाओं ने दो साल से बस्ती से शराब की दुकान हटाने का अभियान छेड़ा है। उन्हें इस अभियान में सफलता नहीं मिली, बल्कि उन पर प्राथमिकी दर्ज हो गया है। महिलाओं में पुलिस के प्रति आक्रोश है।
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आराध्या बिंद, कविता बिंद और मालती देवी ने बताया कि बस्ती में शराब की दुकान होने से बच्चे शराब के आदी हो रहे हैं। घर के पुरुष शराब पीकर विवाद करते हैं और मना करने पर पिटाई करते हैं। महिलाएं दुकान हटाए जाने की मांग कर रही हैं। एसीपी मेजा बृजेश पाठक ने 25 सितंबर 2026 को आबकारी इंस्पेक्टर के साथ इस प्रकरण पर बैठक की। आबकारी इंस्पेक्टर के अनुसार, यह दुकान दस साल से बस्ती में चल रही है और पहले कोई दिक्कत नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान हटाने की मांग को लेकर साजिशन महिलाओं को आगे किया गया है। एसीपी पाठक ने बताया कि यह कानून के खिलाफ है। इन आरोपों में महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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बृहस्पतिवार को अखरी शाहपुर की महिलाओं ने बस्ती में स्थापित देसी शराब की दुकान को हटाए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया था। दुकान में तोड़फोड़ के साथ शराब को बाहर फेंक दिया था। महिलाओं का कहना था कि देसी शराब की दुकान बस्ती में होने की वजह से पढ़ने लिखने वाले युवक भी शराब के लती होते जा रहे हैं। इसे बस्ती से हटाकर दूर कहीं स्थापित कराया जाए। मेजा थाने के कोतवाल धनंजय पांडेय ने बताया कि दुकान के प्रोप्राइटर केशवदास निवासी दुमदुमा हंडिया की तहरीर पर रेलवे कर्मचारी कुशल बिंद, मुकेश बिंद, विक्रमा बिंद, वीरेंद्र बिंद, कौशलेश बिंद, ऋषिराज, विवेक, ननकऊ, पप्पू, आराध्या बिंद, कविता बिंद, राधिका, मालती देवी, श्री देवी, अनारकली, कंचन, अनामिका देवी, राधिका, सुनीता, अनुष्का, अनीता, पूनम, अंजू देवी, जगवंती, सुधा सहित सैकड़ों अज्ञात पुरुष-महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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दो साल से बस्ती से शराब की दुकान हटाने का विरोध कर रही हैं महिलाएं
कस्बे की महिलाओं ने दो साल से बस्ती से शराब की दुकान हटाने का अभियान छेड़ा है। उन्हें इस अभियान में सफलता नहीं मिली, बल्कि उन पर प्राथमिकी दर्ज हो गया है। महिलाओं में पुलिस के प्रति आक्रोश है।
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आराध्या बिंद, कविता बिंद और मालती देवी ने बताया कि बस्ती में शराब की दुकान होने से बच्चे शराब के आदी हो रहे हैं। घर के पुरुष शराब पीकर विवाद करते हैं और मना करने पर पिटाई करते हैं। महिलाएं दुकान हटाए जाने की मांग कर रही हैं। एसीपी मेजा बृजेश पाठक ने 25 सितंबर 2026 को आबकारी इंस्पेक्टर के साथ इस प्रकरण पर बैठक की। आबकारी इंस्पेक्टर के अनुसार, यह दुकान दस साल से बस्ती में चल रही है और पहले कोई दिक्कत नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान हटाने की मांग को लेकर साजिशन महिलाओं को आगे किया गया है। एसीपी पाठक ने बताया कि यह कानून के खिलाफ है। इन आरोपों में महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।