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महिला हॉस्टल में छात्रा से मारपीट
Mon, 27 May 2019 01:02 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 27 May 2019 01:02 AM IST
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allahabad university
- फोटो : Prayagraj
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महिला हॉस्टल हॉल ऑफ रजिडेंस में शोध छात्र नेता यादव ने अधीक्षिका और उनके साथ चार छात्राओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने नेहा के साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। वहीं, अधीक्षिका के समर्थन में उतरीं छात्राओं ने भी चीफ प्रॉक्टर का ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि नेहा यादव ने अधीक्षका दीपशिखा सोनकर के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
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नेहा यादव महिला हॉस्टल खाली कराए जाने के खिलाफ चल रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। समाजवादी छात्रसभा से ताल्लुक रखने वाली नेहा यादव ने चीफ प्रॉक्टर को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि एचओआर की अधीक्षिक दीप शिखा सोनकर चार छात्राओं के साथ पहुंचीं। उन्होंने नेहा के सांवलेपन को लेकर तंज कसा और जातिसूचक गालियां दीं। मना करने पर उनके साथ आई छात्रा सलोनी सिंह ने नेहा को थप्पड़ मार दिया। नेहा ने अधीक्षिका और चारों छात्राओं पर रैगिंग का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अन्य छात्राओं ने भी नेहा के समर्थन में चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन देकर घटना को सही बताया है।
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साथ ही अधीक्षिका पर आरोप लगाया है कि वह छात्राओं के साथ लगातार दुर्व्यवहार करती आईं हैं। इसके विपरीत महिला छात्रावास की तकरीबन 70 छात्राओं ने अधीक्षिका के समर्थन में चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन देते हुए नेहा यादव के आरोप को बेबुनियाद बताया है। इन छात्राओं का आरोप है कि नेहा यादव ने अधीक्षिक के खिलाफ आपत्तिजनक जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि दोनों तरफ से उन्हें शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है।
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छात्राओं ने पूछा, हॉस्टल से निकाले गए तो कहां जाएंगे
छात्राओं ने भी यूजीसी नेट की परीक्षा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का हवाला देते हुए चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन देकर हॉस्टल में रहने की अनुमति प्रदान किए जाने की मांग की है। छात्राओं का सवाल है कि दो दिन के नोटिस पर हॉस्टल से बाहर निकाले गए तो कहां जाएंगे?
छात्राओं ने चीफ प्रॉक्टर को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि ज्यादातर छात्राओं को नवंबर से फरवरी के बीच हॉस्टल में कमरे दिए गए जबकि फीस पूरे साल की ली गई। इविवि प्रशासन अब छात्राओं को वॉश आउट के नाम पर हॉस्टल से बाहर करना चाहता है। ज्यादातर छात्राएं दूसरे जिलों से आकर यहां रह रही हैं। इस बीच तमाम प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं। ऐसे में हॉस्टल से बाहर किए जाने पर छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा जाएगा। साथ ही उनकी सुरक्षा को लेकर भी संकट है। ऐसे में छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं का हॉस्टल में रहने दिया जाए।