फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Fiction writers Mamta Kalia and Neelakshi Singh got 'Prof. OP Malviya and Bharati Devi Memorial Award

कथा लेखिका ममता कालिया और नीलाक्षी सिंह को मिला ‘प्रो. ओपी मालवीय एवं भारती देवी स्मृति सम्मान’

Mon, 20 Sep 2021 12:54 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 20 Sep 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
Fiction writers Mamta Kalia and Neelakshi Singh got 'Prof. OP Malviya and Bharati Devi Memorial Award
आर्य कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित सम्मान समारोह में मंचासीन वरष्ठि साहित्यकार ममता कालिया, वर्धा के पूर्व कुलपति विभूति नारायण राय और प्रो. राजेंद्र कुमार। - फोटो : prayagraj
संस्था सरोकार की ओर से प्रो.ओमप्रकाश मालवीय और भारती देवी मालवीय की स्मृति में रविवार को आयोजित समारोह में वर्ष 2020 के लिए कथा लेखिका ममता कालिया और वर्ष 2021 के लिए नीलाक्षी सिंह को ‘प्रो. ओपी मालवीय एवं भारती देवी स्मृति सम्मान’ दिया गया।
विज्ञापन


इसके तहत अंगवस्त्रम ओढ़ाने के बाद उन्हें स्मृति चिन्ह सहित पच्चीस हज़ार रुपये की धनराशि प्रदान की गई।  कथाकार विभूति नारायण राय की ओर से विषय प्रवर्तन के बाद कथालेखिका ममता कालिया ने कहा, इलाहाबाद शहर में ऐसा कोई नहीं है जो रचनाकार या कलाकार न हो. यह शहर एक तरह का प्रशिक्षण केंद्र है. आप यहां लेखन के सारे दांव पेच सीख सकते हैं।
विज्ञापन


आलोचक-संपादक अखिलेश ने कहा, ममता जी सठोत्तरी पीढ़ी की महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं. जब भी आधुनिक हिंदी साहित्य का इतिहास लिखा जाएगा, उनके अवदान के बिना अधूरा रहेगा। भूगोल को शिद्दत से महसूस करने और उसे रचनाओं में स्थापित करने वाली वह विरली रचनाकार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रो श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा, ममता जी महादेवी की आधुनिक वैचारिक भूमिका में हैं। इस शहर ने उनके व्यक्तित्व को रचनात्मक विस्तार दिया है। उन्होंने रविंद्र कालिया और इलाहाबाद दोनों ही से प्रेम किया है। प्रो.अनिता गोपेश ने कहा, जैसे ममता जी इलाहाबाद को चाहती हैं, वैसे ही इलाहाबाद भी उन्हें चाहता है। सबकी अपनी-अपनी ममता हैं।

कथालेखिका नीलाक्षी सिंह की कहानियों पर कथाकार प्रीति चौधरी, मनोज पांडे और प्रो. राजकुमार ने अपनी बात रखी.  खेला उपन्यास इस बात का नए ढंग से आख्यान करता है कि उपभोक्तावादी दौर में स्त्री जीवन कैसा होगा। दूसरे सत्र में सचिव डॉ.अंकिता चतुर्वेदी की देखरेख में सांगीतिक संध्या के तहत प्रवीण कश्यप का गायन और अराध्या प्रवीण ने तबला वादन प्रस्तुत करके समा बांधा।


आर्यकन्या इंटर कॉलेज प्रेक्षागृह में प्रो.राजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुए समारोह का संचालन और प्रकर्ष मालवीय ने स्वागत किया। प्रेमशंकर ने किया. कार्यक्रम में प्रो.हेरंब चतुर्वेदी, श्री प्रकाश शुक्ल, यश मालवीय, प्रवीण शेखर, डॉ.मधु शुक्ला, डॉ.संजू शुक्ला,जयकृष्ण राय तुषार आदि मौजूद थे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed