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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Fiber resin artefacts will grace the Mahakumbh, statues of Yamuna, Ganga, Saraswati will be installed.

Mahakumbh : महाकुंभ की शोभा बनेंगी फाइबर रेजिन कलाकृतियां, यमुना, गंगा, सरस्वती की लगाई जाएंगी मूर्तियां

Sat, 21 Dec 2024 05:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 Dec 2024 05:51 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय की ओर से इन शिल्पों के निर्माण, स्थापना व प्रदर्शन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अनुसार 10 गुणा 6 से लेकर 49 गुणा 17 इंच तक की कलाकृतियों का निर्माण किया जाएगा।

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Fiber resin artefacts will grace the Mahakumbh, statues of Yamuna, Ganga, Saraswati will be installed.
रेजिन आर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय की ओर महाकुंभ में फाइबर रेजिन कलाकृतियां तैयार की जाएंगी, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी। सिलिकॉन के सांचे से तैयार कुल 60 फाइबर रेजिन शिल्पों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 30 मेला क्षेत्र में प्रदर्शित होंगी, जबकि अन्य निदेशालय की शोभा बढ़ाएंगी।

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उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय की ओर से इन शिल्पों के निर्माण, स्थापना व प्रदर्शन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अनुसार 10 गुणा 6 से लेकर 49 गुणा 17 इंच तक की कलाकृतियों का निर्माण किया जाएगा। इसमें सबसे छोटे शिल्प के तौर पर माता गंगा का शिल्प तथा सबसे बड़े शिल्प के तौर पर 90 गुणा 50 इंच के सिंहनाद अवलोकितेश्वर शिल्प का निर्माण किया जाएगा।
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इसके अतिरिक्त, यमुना, सरस्वती, सप्त मातृका व वीणाधर शिव, नृत्य करते गणपति, श्रीहरि विष्णु, उमा-महेश्वर, कार्तिकेय, तारा, पद्मपाणि, इंद्र, नेमिनाथ, गजलक्ष्मी, गरुणासीन विष्णु, रावणानुग्रह, शिव, भिक्षाटन शिव, विष्णु, शिव-पार्वती व गंगा तथा महाकुंभ पर जारी होने वाले विशिष्ट सिक्कों की प्रतिकृति संबंधी शिल्पों के निर्माण व स्थापना का कार्य किया जाएगा।
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शिल्पों के निर्माण व स्थापना के कार्यों को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 60 शिल्पों के निर्माण कार्य को पांच जनवरी तक पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अन्य 10 जनवरी तक मेला की शुरुआत से पूर्व ही तैयार किया जाएगा। इनमें से 30 शिल्पों को महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थापना के साथ तथा अन्य 30 कलाकृतियों को उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।


इन सभी शिल्पों को फाइबर व सिलिकॉन मॉडलिंग के जरिए निर्मित किया जाएगा जो कि वास्तविक लगने के साथ ही उच्च गुणवत्तायुक्त होंगे। इस कार्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय द्वारा कार्यदायी संस्था के निर्धारण की प्रक्रिया जारी है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

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