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लगे जयकारे, जुटे भक्त भोले के द्वारे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:27 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शिव की आराधना से सजे सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को शिवालयों में फिर श्रद्धालुओं, कांवड़ियों की भारी भीड़ जुटी। भोले केदर्शन-पूजन, जलाभिषेक और महारुद्राभिषेक के लिए तांता लगा। जयकारों के बीच जलाभिषेक को श्रद्धालुओं के आने का क्रम बना रहा। अंतिम सोमवार के कारण भक्तों में भारी उत्साह दिखा। कई शिव मंदिरों में भजन संध्या के अतिरिक्त रात्रि जागरण के दौरान भी शिव भजन गूंजते रहे। शिव मंदिर, बिजली की झालरों और फूलों से सजे। श्रद्धालुओं ने व्रत भी रखा।
मुख्य जमावड़ा यमुना किनारे मनकामेश्वर महादेव के मंदिर में लगा। प्रात: आरती के बाद आरंभ दर्शन-पूजन का क्रम रात्रि को शयन आरती तक जारी रहा। प्रधान पुजारी स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने शृंगार आरती उतारी। उनकी देखरेख में मंदिर परिसर में जगह-जगह महारुद्राभिषेक और सर्वमंगल के लिए अनुष्ठान हुए। शिवस्त्रोत से जप सहित भक्तों ने शिव कीर्तन भी किया। श्रद्धालुओं विशेषकर महिलाओं की कतार भोर से ही लगने लगी थी, हर कोई अपनी बारी की प्रतीक्षा में रहा। मंदिर के बाहर दूध, फूल आदि पूजा सामग्री बेचने वालों की दुकानें लगीं।
भोलेनाथ की आराधना, जलाभिषेक के लिए मुख्य पुजारी श्यामधर त्रिपाठी की देखरेख में नागवासुकि और पीठाधीश्वर रविशंकर की देखरेख में तक्षक तीर्थ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में पूजन-अर्चन, जलाभिषेक के साथ ही महारुद्राभिषेक के लिए भी होड़ लगी। बारी-बारी से यजमानों ने महारुद्राभिषेक किया। मंदिरों में महिला-पुरुषों की टोलियों ने शिव कीर्तन भी किया। तक्षक तीर्थ बड़ा शिवाला में तो श्रद्धालुओं के लिए मंदिर की ओर से भी फूल-दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई। मीरापुर स्थित ललिता देवी मंदिर में पारद से पारदेश्वर महादेव तो दुग्ध से ललितेश्वर महादेव का अभिषेक किया गया। अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर की देखरेख में अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद दिए गए। इसी क्रम में सिविल लाइंस हनुमत निकेतन, हाईकोर्ट न्यायविद् हनुमान मंदिर, सोमेश्वर महादेव, पड़िला महादेव, दरवेश्वर महादेव, बलुआघाट, शिवकोटि, मौजगिरि आदि शिव मंदिरों में भी पूजन-अर्चन, अभिषेक का क्रम जारी रहा।
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मुख्य जमावड़ा यमुना किनारे मनकामेश्वर महादेव के मंदिर में लगा। प्रात: आरती के बाद आरंभ दर्शन-पूजन का क्रम रात्रि को शयन आरती तक जारी रहा। प्रधान पुजारी स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने शृंगार आरती उतारी। उनकी देखरेख में मंदिर परिसर में जगह-जगह महारुद्राभिषेक और सर्वमंगल के लिए अनुष्ठान हुए। शिवस्त्रोत से जप सहित भक्तों ने शिव कीर्तन भी किया। श्रद्धालुओं विशेषकर महिलाओं की कतार भोर से ही लगने लगी थी, हर कोई अपनी बारी की प्रतीक्षा में रहा। मंदिर के बाहर दूध, फूल आदि पूजा सामग्री बेचने वालों की दुकानें लगीं।
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भोलेनाथ की आराधना, जलाभिषेक के लिए मुख्य पुजारी श्यामधर त्रिपाठी की देखरेख में नागवासुकि और पीठाधीश्वर रविशंकर की देखरेख में तक्षक तीर्थ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में पूजन-अर्चन, जलाभिषेक के साथ ही महारुद्राभिषेक के लिए भी होड़ लगी। बारी-बारी से यजमानों ने महारुद्राभिषेक किया। मंदिरों में महिला-पुरुषों की टोलियों ने शिव कीर्तन भी किया। तक्षक तीर्थ बड़ा शिवाला में तो श्रद्धालुओं के लिए मंदिर की ओर से भी फूल-दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई। मीरापुर स्थित ललिता देवी मंदिर में पारद से पारदेश्वर महादेव तो दुग्ध से ललितेश्वर महादेव का अभिषेक किया गया। अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर की देखरेख में अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद दिए गए। इसी क्रम में सिविल लाइंस हनुमत निकेतन, हाईकोर्ट न्यायविद् हनुमान मंदिर, सोमेश्वर महादेव, पड़िला महादेव, दरवेश्वर महादेव, बलुआघाट, शिवकोटि, मौजगिरि आदि शिव मंदिरों में भी पूजन-अर्चन, अभिषेक का क्रम जारी रहा।
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