फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में सभासद को जेल
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अभियोजन के अनुसार मामला पंचदस नाम जूना अखाड़ा चौखंडी कीडगंज स्थित मकान का है। अभियुक्तों पर आरोप है कि सह अभियुक्तों के साथ मिल कर एक फर्जी व्यक्ति को खड़ा करके पांच जून 2012 को बैनामा करा लिया और बाद में आठ जनवरी 2013 को संपत्ति के एक वारिस उमाशंकर की मृत्यु दिखाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया गया है, जबकि वादी के अनुसार उमाशंकर की मृत्यु छह नवंबर 1969 को ही हो चुकी है। सभासद पर आरोप है कि उन्होंने अपने पैड पर उमाशंकर की मृत्यु आठ जनवरी 2013 को सुबह पांच बजे घर पर होने की बात लिख कर अभियुक्त हरीश कुमार उर्फ मिरकरी को दी थी।
हरीश कुमार की जमानत अर्जी कोर्ट ने 28 मार्च 2016 को खारिज कर दी है। बचाव पक्ष की ओर से हरेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार और रमेश मिश्र को अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने की याचना की गई, जिसका अभियोजन और वादी के अधिवक्ता द्वारा विरोध किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने से इंकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी है। नियमित जमानत की सुनवाई 14 अप्रैल 2016 को होगी। अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है। एक अन्य मामले में एडीजे राम कुशल ने दलित उत्पीड़न में आरोपी लल्लू प्रसाद बिंद की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला न्यायालय ने थाने में महिला के साथ अभद्रता करने के मामले में एसओ थरवई और तीन सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की अर्जी पर थाने से रिपोर्ट तलब किया है। मामले की सुनवाई 19 अप्रैल को होगी। यह आदेश वादिनी के अधिवक्ता राकेश नाथ पांडेय को सुनकर दिया है। मामले के अनुसार प्रतापगढ़ की वादिनी किरन देवी ने एसओ थरवई शंभूनाथ तिवारी, सिपाही अमरनाथ, सुशील कुमार और सुभाष पर आरोप लगाया है कि 14 फरवरी 2016 को रात बारह बजे उसके साथ लॉकप में अभद्रता की गई है और उसे मारा पीटा गया है।