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अंतिम तारीख को बढ़ाईं हिंदी क्रेट की सीटें, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 15 May 2017 02:12 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 मई को हिंदी विषय में क्रेट की सीटों की संख्या शून्य से बढ़ाकर अचानक 13 कर दिए जाने पर हंगामा हो गया। आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले छात्रों ने हिंदी विभाग के सामने प्रदर्शन किया और ज्ञापन देकर आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने की मांग की। वहीं, प्रवेश समिति बिना लिखित आदेश के सीटों की संख्या में हुई वृद्धि को सही मान रही है। प्रवेश समिति सीटों की संख्या शून्य मानकर आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं का शुल्क लौटाएगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 अप्रैल से शुरू हुआ है। शुरुआत से ही विवरणिका में एग्रीकल्चर, केमिस्ट्री, प्राचीन इतिहास, इतिहास (मध्य एवं आधुनिक) एवं हिंदी के विषयों में सीटों की संख्या शून्य प्रदर्शित की जा रही थी। 12 मई को विवरणिका में अचानक हिंदी क्रेट में 13 सीटों के लिए आवेदन शुरू हो गया। इससे नाराज आइसा कार्यकर्ताओं ने रणविजय विद्रोही के नेतृत्व हिंदी विभाग के सामने प्रदर्शन किया और प्रवेश समिति को ज्ञापन देकर मांग की कि हिंदी क्रेट में ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए ताकि जो छात्र आवेदन से वंचित रह गए हैं, उन्हें मौका मिल सके। छात्रों ने इसे धांधली बताया।
उधर, प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. मनमोहन कृष्ण का कहना है कि उन्होंने प्रवेश समिति के लोगों से इस बारे में बात की। 12 मई को वह दूसरे कार्य में व्यस्त थे। उन्हें बताया गया कि इस दौरान रजिस्ट्रार ने फोन किया था और उनके कहने पर हिंदी क्रेट में सीटों की संख्या बढ़ा दी गई। निदेशक का कहना है कि बिना किसी लिखित आदेश के वह सीटों की संख्या शून्य ही मानी जाएगी। 17 अभ्यर्थियों ने इसके लिए आवेदन किया है, उनका शुल्क लौटा दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाना अब मुमकिन नहीं है। ऐसा करने पर पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होगी। हिंदी विभाग चाहे तो अलग से आवेदन ले सकता है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए आए आवेदनों का अंतिम आंकड़ा प्रवेश समिति ने जारी कर दिया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार आवेदन करने वालों की संख्या तकरीबन चार हजार बढ़ी है। पिछले साल एक लाख चार हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जबकि इस बार एक लाख आठ 192 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। क्रेट के लिए 2760, इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के पाठ्यक्रमों के लिए 1304, बीएएलएलबी के लिए 4036, एलएलबी के लिए 12369, परास्नातक के परंपरागत विषयों के लिए 18949, परास्नातक के व्यावसायिक विषयों के लिए 4539 और स्नातक में प्रवेश के लिए 64235 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। स्नातक में सबसे अधिक बीएससी मैथ्स में प्रवेश के लिए आवेदन आए हैं। दूसरे नंबर पर बीए, तीसरे नंबर पर बीकॉम और चौथे नंबर पर बीएससी बायोलॉजी में प्रवेश के लिए आवेदन किए गए हैं।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 अप्रैल से शुरू हुआ है। शुरुआत से ही विवरणिका में एग्रीकल्चर, केमिस्ट्री, प्राचीन इतिहास, इतिहास (मध्य एवं आधुनिक) एवं हिंदी के विषयों में सीटों की संख्या शून्य प्रदर्शित की जा रही थी। 12 मई को विवरणिका में अचानक हिंदी क्रेट में 13 सीटों के लिए आवेदन शुरू हो गया। इससे नाराज आइसा कार्यकर्ताओं ने रणविजय विद्रोही के नेतृत्व हिंदी विभाग के सामने प्रदर्शन किया और प्रवेश समिति को ज्ञापन देकर मांग की कि हिंदी क्रेट में ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए ताकि जो छात्र आवेदन से वंचित रह गए हैं, उन्हें मौका मिल सके। छात्रों ने इसे धांधली बताया।
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उधर, प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. मनमोहन कृष्ण का कहना है कि उन्होंने प्रवेश समिति के लोगों से इस बारे में बात की। 12 मई को वह दूसरे कार्य में व्यस्त थे। उन्हें बताया गया कि इस दौरान रजिस्ट्रार ने फोन किया था और उनके कहने पर हिंदी क्रेट में सीटों की संख्या बढ़ा दी गई। निदेशक का कहना है कि बिना किसी लिखित आदेश के वह सीटों की संख्या शून्य ही मानी जाएगी। 17 अभ्यर्थियों ने इसके लिए आवेदन किया है, उनका शुल्क लौटा दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाना अब मुमकिन नहीं है। ऐसा करने पर पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होगी। हिंदी विभाग चाहे तो अलग से आवेदन ले सकता है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा के लिए आए आवेदनों का अंतिम आंकड़ा प्रवेश समिति ने जारी कर दिया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार आवेदन करने वालों की संख्या तकरीबन चार हजार बढ़ी है। पिछले साल एक लाख चार हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जबकि इस बार एक लाख आठ 192 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। क्रेट के लिए 2760, इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के पाठ्यक्रमों के लिए 1304, बीएएलएलबी के लिए 4036, एलएलबी के लिए 12369, परास्नातक के परंपरागत विषयों के लिए 18949, परास्नातक के व्यावसायिक विषयों के लिए 4539 और स्नातक में प्रवेश के लिए 64235 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। स्नातक में सबसे अधिक बीएससी मैथ्स में प्रवेश के लिए आवेदन आए हैं। दूसरे नंबर पर बीए, तीसरे नंबर पर बीकॉम और चौथे नंबर पर बीएससी बायोलॉजी में प्रवेश के लिए आवेदन किए गए हैं।