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प्रदर्शनी : इलाहाबाद संग्रहालय में 15 दिवसीय मेघ पर आधारित छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ
Fri, 08 Oct 2021 09:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Oct 2021 09:56 PM IST
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Prayagraj News : इलाहाबाद संग्रहालय में छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ करते न्यायमूर्ति।
- फोटो : prayagraj
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इलाहाबाद संग्रहालय में शुक्रवार को प्रो.आरके टंडन के मेघ (बादल) पर आधारित छायाचित्रों की 15 दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। ' मेघ परिदृश्य ' शीर्षक से आयोजित प्रदर्शनी में बादलों के विविध कलाओं पर आधारित लगभग 60 चित्रों को लगाया गया है।
ज्ञातव्य हो कि रक्षा विज्ञान के प्रोफेसर टंडन एक सुधी कलाप्रेमी व शौकिया छायाकार हैं। इससे पूर्व आपकी प्रकृति व विरासत पर आधारित छायाचित्रों की प्रदर्शनी लग चुकी है। प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात आयोजित संवाद संग्रहालय की तरफ से स्वागत वक्तव्य उप संग्रहपाल व प्रदर्शनी प्रभारी डॉ ओंकार वानखेडे ने दिया।
डॉ वानखेड़े ने मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण, विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति अरुण टंडन सहित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सफल प्रदर्शनी के लिए प्रो.आरके टंडन को बधाई दी। प्रो.आरके टंडन ने बादल आधारित इस प्रदर्शनी की संकल्पना व कार्यान्वयन पर अपनी बातें रखीं।
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प्रो.अजय जेटली ने इस अवसर पर कलाकार की कला दृष्टि व प्रकृति सूक्ष्मावलोकन बातें रखीं। शहर के वरिष्ठ चिंतक व छायाकार अजामिल ने सुंदर आयोजन के लिए प्रो.टंडन को बधाई दी और उनकी कला दृष्टि व काम के प्रति जुनून की प्रसंशा की। मुख्य अतिथि ने सुंदर आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि कोई भी कला कल्पनाओं से उभरती और निखरती है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ राजेश मिश्र व औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रो.आके टंडन ने दिया। इस अवसर पर डॉ शांति चौधरी, राघवेंद्र सिंह, डॉ आरसी.मिश्र, डॉ अजय कुमार मिश्र, डॉ वामन आ.वानखेडे, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, धीरेश जोशी, डॉ.एनके पांडेय, श्वेता सिंह, डॉ संजू मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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ज्ञातव्य हो कि रक्षा विज्ञान के प्रोफेसर टंडन एक सुधी कलाप्रेमी व शौकिया छायाकार हैं। इससे पूर्व आपकी प्रकृति व विरासत पर आधारित छायाचित्रों की प्रदर्शनी लग चुकी है। प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात आयोजित संवाद संग्रहालय की तरफ से स्वागत वक्तव्य उप संग्रहपाल व प्रदर्शनी प्रभारी डॉ ओंकार वानखेडे ने दिया।
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डॉ वानखेड़े ने मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण, विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति अरुण टंडन सहित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सफल प्रदर्शनी के लिए प्रो.आरके टंडन को बधाई दी। प्रो.आरके टंडन ने बादल आधारित इस प्रदर्शनी की संकल्पना व कार्यान्वयन पर अपनी बातें रखीं।
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प्रो.अजय जेटली ने इस अवसर पर कलाकार की कला दृष्टि व प्रकृति सूक्ष्मावलोकन बातें रखीं। शहर के वरिष्ठ चिंतक व छायाकार अजामिल ने सुंदर आयोजन के लिए प्रो.टंडन को बधाई दी और उनकी कला दृष्टि व काम के प्रति जुनून की प्रसंशा की। मुख्य अतिथि ने सुंदर आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि कोई भी कला कल्पनाओं से उभरती और निखरती है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ राजेश मिश्र व औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रो.आके टंडन ने दिया। इस अवसर पर डॉ शांति चौधरी, राघवेंद्र सिंह, डॉ आरसी.मिश्र, डॉ अजय कुमार मिश्र, डॉ वामन आ.वानखेडे, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, धीरेश जोशी, डॉ.एनके पांडेय, श्वेता सिंह, डॉ संजू मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।