exclusive : इलाहाबाद विश्वविद्यालय कराता था हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं
- माध्यमिक शिक्षा परिषद उ.प्र. की स्थापना के 100 साल
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माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) की स्थापना के इस साल सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। परीक्षार्थियों की सबसे अधिक संख्या के कारण यूपी बोर्ड न केवल देश में बल्कि विश्व के शिक्षा बोर्डों में अग्रणी स्थान रखता है। यदि इसके इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं इलाहाबाद विश्वविद्यालय कराता था। यूपी बोर्ड की पहली परीक्षा वर्ष 1923 में हुई थी। आजादी से पहले जन्मे बोर्ड के सौ साल के सफर में परीक्षार्थियों की संख्या लगभग एक हजार गुना तक बढ़ गई।
स्वर्णिम अतीत को समेटे यूपी बोर्ड इस साल अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में वर्ष 1921 में माध्यमिक शिक्षा परिषद की स्थापना से पहले प्रदेश में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं इलाहाबाद विश्वविद्यालय कराता था। 1921 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अलग एक पृथक बोर्ड की स्थापना के लिए इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 बनाया गया। 1921 में माध्यमिक शिक्षा परिषद की स्थापना के बाद उत्तर प्रदेश में पहली बोर्ड परीक्षा 1923 में आयोजित की गई।