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exclusive news : प्रयागराज नगर निगम के पास होगा शहर के हर मकान का ब्यौरा 

Fri, 06 Nov 2020 02:09 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 06 Nov 2020 02:09 AM IST
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exclusive news: Prayagraj Municipal Corporation will have details of every house in the city
Real State
लॉकडाउन में ठप जीआई सर्वे का काम फिर शुरू हो गया है। इस काम के लिए शासन की ओर से नियुक्त कंपनी की टीमें शहर के फाफामऊ और तेलियरगंज इलाके में घूम रही हैं। अगले कुछ महीनों में नगर निगम के पास सीमा क्षेत्र स्थित हर मकान का ब्यौरा होगा। जिसे ऑनलाइन एक क्लिक पर देखा जा सकेगा। इससे न केवल छूटे हुए भवनों का नए सिरे से कर निर्धारण करना आसान होगा बल्कि निगम की गृहकर, जलकर के मद में राजस्व वसूली भी बढ़ेगी।
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शासन ने महानगरों में जीआई सर्वे कराने का निर्णय पिछले वर्ष लिया था। शासन स्तर से ही कंपनी का चयन कर सर्वे का काम आवंटित किया गया था। अमर उजाला ने सबसे पहले की इसकी जानकारी दी थी। इस वर्ष की शुरुआत में कंपनी ने सर्वे के काम को गति दी, लेकिन लॉकडाउन की वजह से काम अटक गया। 
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जीआई सर्वे के लिए नियुक्त कार्यदायी कंपनी यूनिस्कोप को बीते जून माह तक काम पूरा कर रिपोर्ट देनी थी। काम अटका और फिर शुरू हुआ लेकिन फिलहाल दस फीसदी काम ही पूरा किया जा सका है। सर्वे के दौरान सेटेलाइट इमेज के माध्यम से शहर के सभी वार्डो में हर भवन का सर्वेक्षण किया जाएगा। कंपनी के लोग भवन के खुले और निर्मित भाग के साथ उसके उपयोग का ब्यौरा भी एकत्र करेंगे। 
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कर के दायरे में आएंगे 20 हजार से अधिक मकान

नगर निगम अफसरों का मानना है कि जीआई सर्वे के बाद करीब 20 हजार ऐसे भवन चिह्ति होंगे, जो अभी तक कर के दायरे में नहीं हैं। वहीं पुराने भवनों के उपयोग के साथ खुले और निर्मित भाग का सही माप नए सिरे से कर निर्धारण में सहायक होगा। 

अभी 90 करोड़ है गृहकर वसूली का लक्ष्य

नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष 2021 में गृहकर वसूली के लिए 90 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है।अभी तक 50 फीसदी वसूली नहीं हो पाई है। दस फीसदी छूट के बाद भी कर भुगतान करने में लोग सुस्त रहे। सरकारी विभागों की ओर से भुगतान की पहल अभी शुरू ही नहीं की गई है। माना जा रहा है कि सर्वे के बाद कर वसूली का दायरा सौ करोड़ के पार हो जाएगा पर यह निर्धारण कब से लागू होगा, इस बारे में सदन का निर्णय मान्य होगा। 

0 लाकडाउन में अटका जीआई सर्वे का काम फिर शुरू हो गया है। शासन के निर्देश पर कराए जा रहे सर्वे के दौरान कर के दायरे से छूटे भवनों को चिह्नित करना आसान होगा। कार्यदायी संस्था रिपोर्ट शासन को देगी। वहां से मिले निर्देशों पर अमल किया जाएगा। - पीके मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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