इविवि की लाइब्रेरी में लगेंगे 15 एसी
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में तकरीबन 400 छात्र-छात्राओं के बैठकर पढ़ने की व्यवस्था है लेकिन मई और जून की भीषण गर्मी में छात्र-छात्राएं वहां बैठने से कतराते हैं। शुक्रवार को कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने पुस्तकालय का निरीक्षण किया तो छात्रों ने उन्हें यह समस्या बनाई। इस पर कुलपति ने वहां तत्काल 15 एसी लगवाने के निर्देश दिए। कुलपति ने देखा कि पुस्तकालय में फर्श जगह-जगह टूटी हुई है। कुलपति ने निर्देश दिए कि अगले दो महीने में पुस्तकालय को पूरी तरह से टाइल्स युक्त कर दिया जाए। कुलपति ने देखा कि पुस्तकालय में कई जगह कुर्सियां टूटी हुई या काफी पुरानी हैं। इस पर वह नाराज हुए और जून तक सभी कुर्सियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मई के पहले सप्ताह में फिर से पुस्तकालय का दौरा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि लाइब्रेरी में कितना काम हुआ है।
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छात्रों ने देखे कोस्कन गाढ़ा की पहाड़ियों पर बने शैलचित्र
ईश्वर शरण पीजी कॉलेज के छात्रों ने किया पुरास्थलों का भ्रमण
प्रयागराज। ईश्वर शरण पीजी कॉलेज के प्राचीन इतिहास विभाग के स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों ने शुक्रवार को कोरांव तहसील के तहत बेलन घाटी स्थित आधा दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रागैतिहासिक पुरास्थलों का शैक्षणिक भ्रमण किया। इन स्थानों पर चार से पांच दशक पूर्व इविवि के प्राचीन इतिहास विभाग के प्रो. जीआर शर्मा एवं उनकी सहयोगी टीम ने पुरातात्विक सर्वेक्षण, उत्खनन एवं भूतात्विक अन्वेषण कार्य कराया था।
शैक्षणिक भ्रमण का नेतृत्व कर रहे विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जमील अहमद ने विद्यार्थियों को बेलन घाटी के इतिहास एवं उसके महत्व के बारे में जानकारी दी। छात्रों ने हनुमानगंज की 150 से अधिक ऊंची कोस्कन गाढ़ा की पहाड़ियों पर उच्च पूर्व पाषाण एवं मध्य पाषाण कालीन प्रागैतिहासिक शैलचित्र देखे। शिलाश्रय की दीवारों एवं छतों पर पशुओं, वनस्पतियों के साथ मानवीय क्रियाकलापों का अंकन मौजूद है।
इसके बाद पुरास्थल डैया का भ्रमण कराया गया। नव पाषाण कालीन पुरास्थल कोल्डिहा का भी छात्रों ने भ्रमण किया, जहां से सबसे पहले धान की खेती के साक्ष्य मिले थे। कोल्डिहा के साथ महगढ़ा गांव का भी छात्रों ने भ्रमण किया, जिसे विश्व का सबसे पुराना गांव माना जाता है। पुराविद् डॉ. जमीन अहमद ने छात्रों को बताया कि बेलन घाटी से उच्च पूर्व पाषाण कालीन हड्डी की बनी हुई मातृदेवी की एक मूर्ति प्राप्त हुई थी, जिसे पूरे विश्व में कला की प्रथम अभिव्यक्ति के रूप में माना जाता है।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ‘जैव-बिग डाटा विज्ञान’ विषय पर भारतीय-जर्मन शोध प्रशिक्षण समूह की पांच दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यशाला के आखिरी दिन सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
कार्यशाला के पांचवें दिन प्रात: कालीन सत्र में सीबीसीएस विभाग के सेमिनार हाल में जर्मनी से आए प्रो. फिलिप साडलो ने रुचिकर तरीके से प्रतिभागियों को बिग डाटा के बारे में जानकारी दी। यह सत्र इतना महत्वपूर्ण रहा कि प्रतिभागियों के आग्रह पर चायकाल के लिए कोई ब्रेक भी नहीं हुआ। इस मौके पर हाइडेलबर्ग विश्वविद्यालय जर्मनी से आए अधिकारियों ने इन तरह की कार्यशाला का पुन: आयोजन करने का आग्रह किया। कार्यशाला के समापन की घोषणा करते हुए समन्वयक प्रो. रमेंद्र कुमार सिंह ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।
आरए अवस्थी बने एनएनएस के कार्यक्रम अधिकारी
प्रयागराज। कुलभास्कर आश्रम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के लिए महाविद्यालय के वरिष्ठ एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आरए अवस्थी को कार्यक्रम अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह जानकारी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ज्योति शंकर ने दी है।